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Rajat Kapoor Biography in Hindi | रजत कपूर जीवन परिचय

रजत कपूर

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जीवन परिचय
वास्तविक नाम रजत कपूर
व्यवसाय अभिनेता, लेखक, निर्देशक, निर्माता
शारीरिक संरचना
लम्बाई (लगभग)से० मी०- 180
मी०- 1.80
फीट इन्च- 5' 11"
वजन/भार (लगभग)70 कि० ग्रा०
आँखों का रंग गहरा भूरा
बालों का रंग काला
व्यक्तिगत जीवन
जन्मतिथि 11 फरवरी 1961
आयु (2018 के अनुसार)57 वर्ष
जन्मस्थान दिल्ली, भारत
राष्ट्रीयता भारतीय
गृहनगर दिल्ली, भारत
राशि कुंभ
स्कूल/विद्यालय ज्ञात नहीं
महाविद्यालय/विश्वविद्यालय फिल्म और टेलीविज़न इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे
शैक्षणिक योग्यता ज्ञात नहीं
डेब्यू फिल्म (अभिनेता) : ख्याल गाथा (1989)
रजत कपूर की डेब्यू फिल्म ख्याल गाथा
फिल्म (निर्देशक) : रघु रोमियो (2003)
रजत कपूर की डेब्यू फिल्म रघु रोमियो निर्देशक के रूप में
फिल्म (पटकथा लेखक) : प्राइवेट डिटेक्टिव : टू प्लस टू प्लस वन (1997)
रजत कपूर की डेब्यू फिल्म प्राइवेट डिटेक्टिव टू प्लस टू प्लस वन पटकथा लेखक के रूप में
फिल्म (निर्माता) : रात गई बात गई (2009)
रजत कपूर की डेब्यू फिल्म रात गई बात गई निर्माता के रूप में
धर्म नास्तिक
प्रेम संबन्ध एवं अन्य मामलें
वैवाहिक स्थिति विवाहित
गर्लफ्रेंड एवं अन्य मामले ज्ञात नहीं
परिवार
पत्नी मीनल अग्रवाल, फोटोग्राफर-प्रोडक्शन डिजाइनर (विवाह 1996 - वर्तमान)
रजत कपूर की पत्नी
बच्चे बेटा - विवान कपूर
बेटी - राबिया कपूर
रजत कपूर अपने बच्चों के साथ
माता-पिता पिता - नाम ज्ञात नहीं
माता - नाम ज्ञात नहीं
भाई-बहन भाई - रजनीश कपूर
बहन - कोई नहीं
धन संबंधित विवरण
आय (लगभग)ज्ञात नहीं
कुल संपत्ति (लगभग)ज्ञात नहीं

रजत कपूर

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रजत कपूर से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियाँ

  • क्या रजत कपूर धूम्रपान करते हैं ?: ज्ञात नहीं
  • क्या रजत कपूर शराब पीते हैं ?: ज्ञात नहीं
  • जब वह 14 वर्ष के थे, तब उन्होंने एक फिल्म निर्माता बनने की इच्छा व्यक्त की।
  • वर्ष 1983 में, वह दिल्ली के रंगमंच समूह ‘चिंगारी’ में शामिल हुए।
  • वर्ष 1985 में, रजत अभिनय सिखने के लिए दिल्ली से पुणे स्थित फिल्म टेलीविजन संस्थान में गए।
  • वर्ष 1989 में, फिल्म ‘ख्याल गाथा’ में ऑनस्क्रीन अभिनय करने से पहले, उन्हें वर्ष 1983 की फिल्म ‘मंडी’ में राजनेता के पुत्र के रूप में देखा गया।
  • आमिर खान, अक्षय खन्ना और सैफ अली खान की फिल्म ‘दिल चाहता है’ ने उन्हें हिंदी फिल्म उद्योग में एक सुनहरा अवसर प्रदान किया।
  • उन्हें निर्देशक के रूप में पहली फिल्म ‘रघु रोमियो’ के लिए धन जुटाने के लिए अपने दोस्तों को ईमेल भेजना पड़ा और उन ईमेल के माध्यम से एकत्र किए गए धन का कर्ज चुकाने के लिए उन्होंने तीन साल से अधिक का समय लिया, क्योंकि वह फिल्म बॉक्स – ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई थी। हालाँकि, उन्हें सर्वश्रेष्ठ हिंदी फीचर फिल्म के रूप में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया और यही-नहीं उनकी फिल्म को स्विट्ज़रलैंड के Piazza Grande section में प्रदर्शित भी किया गया।
  • वर्ष 2005 में, उनकी फिल्म ‘मिक्स्ड डबल्स’ आई, जो कि फ्लॉप थी। हालाँकि, इसके बाद भी उन्हें चिंता करने के की जरूरत नहीं थी क्योंकि फिल्म में पैसा लगाने वाले अभी भी उनके साथ थे।
  • रघु रोमियो के अलावा, उन्हें दो बार राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है; एक फिल्म ‘तराना’ जो छब्बीस मिनट की गैर-फीचर डॉक्यूमेंटरी, और दूसरी छोटी फिल्म ‘हाइपोथिसिस’ के लिए।
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