Menu

Lovlina Borgohain Biography in Hindi | लवलीना बोरगोहेन जीवन परिचय

Lovlina Borgohain

जीवन परिचय
व्यवसाय भारतीय बॉक्सर (मुक्केबाज)
जानी जाती हैंटोक्यो ओलंपिक 2020 में क्वालीफाई करने वाली असम की पहली भारतीय महिला बॉक्सर के नाते।
शारीरिक संरचना
लम्बाई (लगभग)से० मी०- 177
मी०- 1.77
फीट इन्च- 5’ 10”
भार/वजन (लगभग)70 कि० ग्रा०
आँखों का रंग काला
बालों का रंग काला
बॉक्सिंग
मौजूदा टीमइंडिया
कोच• पदुम बोरो
• शिव सिंह
वजन श्रेणी69 कि० ग्रा०
पदक• वर्ष 2017 में लवलीना ने हो ची मिन्ह सिटी में आयोजित एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता।
Lovlina Borgohain with her Bronze medal
• वर्ष 2018 में उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित बॉक्सिंग विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता।
• वर्ष 2019 में उन्होंने उलान-उडे में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक अपने नाम किया।
Lovlina Borgohain with her medals
• वर्ष 2021 में लवलीना ने दुबई में आयोजित बॉक्सिंग एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य भारत के नाम किया।
व्यक्तिगत जीवन
जन्मतिथि 2 अक्टूबर 1997 (गुरुवार)
आयु (2021 के अनुसार)24 वर्ष
जन्मस्थान गोलाघाट जिला, असम, भारत
राशि तुला (Libra)
राष्ट्रीयता भारतीय
गृहनगर गोलाघाट जिला, असम, भारत
स्कूल/विद्यालयबारापत्थर गर्ल्स हाई स्कूल गोलाघाट, असम
टैटूउन्होंने अपने बाएं हाथ पर ओलंपिक का लोगो बनवाया है।
Lovlina Borgohains tattoo
शौक/अभिरुचियात्रा करना और मूवी देखना
प्रेम संबन्ध एवं अन्य जानकारियां
वैवाहिक स्थितिअविवाहित
बॉयफ्रेंडज्ञात नहीं
परिवार
पतिलागू नहीं
माता/पितापिता- टिकेन बोरगोहेन (व्यवसायी)
माता- ममोनी बोरगोहेन
Lovlina Borgohain's parents
बहनबहन- 2
• लीचा बोरगोहेन
• लीमा बोरगोहेन (दोनों बड़ी)
Lovlina Borgohain with her family

Lovlina Borgohain

लवलीना बोरगोहेन से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियाँ

  • लवलीना बोरगोहेन एक भारतीय मुक्केबाज हैं जो टोक्यो ओलंपिक 2020 में क्वालीफाई करने वाली असम की पहली मुक्केबाज महिला हैं।
  • लवलीना बोरगोहेन शिव थापा के बाद मुक्केबाजी में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली असम की दूसरी मुक्केबाज महिला हैं।
  • लवलीना की दोनों बड़ी बहनें किकबॉक्सर थीं जिनसे प्रेरित होकर लवलीना अपने किशोरावस्था में किकबॉक्सिंग का अभ्यास करने लगी। उनकी बहने भी मुक्केबाजी में राष्ट्रीय स्तर तक खेल चुकी हैं।
  • इसके बाद उन्होंने भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा अपने स्कूल में आयोजित परीक्षणों में भाग लिया। ट्रायल के दौरान वह बॉक्सिंग कोच पदुम बोरो के संपर्क में आई। पदुम ने वर्ष 2012 में उन्हें मुक्केबाजी का प्रशिक्षण देना शुरू किया।
  • एक इंटरव्यू में उनके पिता ने लवलीना की हाइट के बारे में बात करते हुए कहा था-

    स्कूल में उसके दोस्त उसका मजाक उड़ाते थे, लेकिन यह उसकी लंबाई का नतीजा है जो उसे मुक्केबाज बनने में काफी मदद की।”

  • वर्ष 2017 में उन्होंने एशिया के वियतनाम में आयोजित एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। Lovlina Borgohain during a boxing match
  • उसी वर्ष उन्होंने अस्ताना में आयोजित प्रेसिडेंटस कप में कांस्य पदक जीता।
  • वर्ष 2018 में लवलीना ने इंडिया ओपन अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज चैंपियनशिप के वेल्टरवेट श्रेणी में भाग लिया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनकी इस जीत ने उन्हें वर्ष 2018 के कॉमन वेल्थ गेम्स में जगह दिलाई। Lovlina Borgohain during the opening ceremony of CWG 2018
  • इसके बाद उन्होंने मंगोलिया में आयोजित उलनबटोर कप में रजत पदक और पोलैंड के 13वें अंतर्राष्ट्रीय सिलेसियन चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीता।
  • नवंबर 2018 में उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित एआईबीए महिला विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में वेल्टरवेट (69 किग्रा) की कैटेगरी में कांस्य पदक जीता। Lovlina Borgohain during a boxing event
  • इसके बाद वर्ष 2019 में उन्होंने रूस के उलान-उडे में आयोजित महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में एक और कांस्य पदक भारत के नाम किया।
  • लवलीना ने 2020 एशिया और ओशिनिया बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालीफायर में कांस्य पदक जीतकर 2020 टोक्यो ओलंपिक में अपनी जगह बनाई।
  • वर्ष 2020 में उन्हें बॉक्सिंग में योगदान के लिए “अर्जुन पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। Lovlina Borgohain with her Arjuna Aawrd
  • लवलीना अपना मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए मेडिटेशन भी करती हैं। एक इंटरव्यू में इस बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा-

    मैंने इवेंट में जाने के लिए बहुत अच्छी तैयारी करती थी चाहे वह तकनीक हो या फिटनेस। जब मैं हार गई तो यह मुझे मानसिक रूप से थका देने वाला था। तब मुझे एहसास हुआ कि केवल शारीरिक शक्ति ही मायने नहीं रखती एक बड़ा टूर्नामेंट खेलना अपने साथ काफी तनाव लेकर आता है और मैं इस खेल के मनोवैज्ञानिक पहलुओं से वाकिफ हो गई थी तब मैंने अपने मस्तिष्क को सुधारने के लिए ध्यान एकात्रित किया और इससे मुझे मुकाबलों के बीच में रणनीति बनाने में मदद मिली। मैंने उसके बाद बेहतर प्रदर्शन करना शुरू किया।”

  • वर्ष 2020 में लवलीना कोरोना संक्रमण का शिकार हो गई थीं। जिसके चलते वह बॉक्सिंग का अभ्यास करने यूरोप नहीं जा पाईं। फिर भी वह चीनी ताइपे के खिलाड़ी निएन चिन चेन को हराने में कामयाब रही। जीतने के बाद जैसे ही रेफरी ने उनका हाथ ऊपर उठाया वह खुशी के मारे जोर-जोर से चिल्लाने लगीं। Lovlina Borgohain during a boxing event in Taipei, Chain
  • 2020 टोक्यो ओलंपिक में पहली बार भाग लेने वाली भारतीय महिला बॉक्सर खिलाड़ी लवलीना बोरगोहेन ने तुर्की के विश्व चैंपियन बॉक्सर बुसेनाज सुरमेनेली को हराकर ब्रॉन्ज मेडल भारत के नाम किया।
  • लवलीना बोरगोहेन को जानवरों से काफी लगाव है और उन्हें अक्सर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पालतू बिल्ली और कुत्ते के साथ तस्वीरें शेयर करते हुए देखा जाता है। Lovlina Borgohain with a cat Lovlina Borgohain with her pet dog
  • लवलीना बोरगोहेन अपने शारीरिक फिटनेस के लिए रोजाना वर्कआउट करती हैं। Lovlina Borgohain during her workout session

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *