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Madhavrao Peshwa I Biography in Hindi | माधवराव पेशवा प्रथम जीवन परिचय

माधवराव पेशवा

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जीवन परिचय
पूरा नाममाधवराव
अन्य नाम श्रीमंत माधवराव बल्लाल पेशवा
व्यवसाय मराठा साम्राज्य के चौथे पेशवा
शासन काल 23 जून 1761 - 18 नवंबर 1772
व्यक्तिगत जीवन
जन्मतिथि 14 फरवरी 1745
जन्म स्थान सवनूर, मराठा साम्राज्य (अब कर्नाटक में) भारत
मृत्यु तिथि 18 नवंबर 1772
मृत्यु स्थल थूर, महाराष्ट्र
मृत्यु कारण तपेदिक की बीमारी
आयु (मृत्यु के समय)27 वर्ष
समाधि स्थल गणेश चिंतामणि मंदिर के पास, महाराष्ट्र के नजदीक थूर, महाराष्ट्र
माधवराव प्रथम पेशवा मेमोरियल
साम्राज्य मराठा
राष्ट्रीयता भारतीय
गृहनगर सवनूर, कर्नाटक
धर्म हिन्दू
प्रेम संबन्ध एवं अन्य जानकारी
वैवाहिक स्थिति विवाहित
परिवार
पत्नी रमाबाई (सती प्रथा के दौरान वर्ष 1772 में मृत्यु)
बच्चे ज्ञात नहीं
माता-पिता पिता - नानासाहेब पेशवा
माता - गोपिकाबाई
भाई-बहन भाई - विश्वास राव, नारायण राव
बहन - कोई नहीं

माधवराव पेशवा

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माधवराव पेशवा प्रथम से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियाँ

  • वर्ष 1761 में पानीपत की तीसरी लड़ाई के दौरान मराठा साम्राज्य को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। जब वर्ष 1761 में माधवराव पेशवा बने, तब उन्होंने सभी चीजों को बहाल कर दिया और इस घटना को इतिहास में मराठा साम्राज्य के पुनरुत्थान के रूप में याद किया जाने लगा।
  • उनके बड़े भाई विश्वासराव की मृत्यु पानीपत की तीसरी लड़ाई में उनके चचेरे भाई सदाशिवराव भाउ के साथ हुई थी।
  • उनके पिता, नानासाहेब मराठा साम्राज्य में पेशवा भी थे।
  • निजाम और मराठा साम्राज्य के बीच शुरुआती युद्धों के दौरान, माधवराव अपने चाचा रघुनाथराव के साथ संघर्ष कर रहे थे। उस समय माधवराव पेशवा थे, रघुनाथराव एक राजसी थे।
  • अगस्त 1762 में माधवराव और रघुनाथराव के बीच विद्रोह बढ़ गया। रघुनाथराव वडगांव मावल चले गए, जहां उन्होंने अपनी सेना तैयार करना शुरू कर दिया। रघुनाथराव चाचा ने माधवराव की सेना पर विश्वासघात करते हुए, हमला कर दिया और उन्हें हरा दिया। माधवराव की सेना का आत्मसमर्पण करने के बाद, रघुनाथराव ने सखाराम बापू की सहायता से सभी प्रमुख निर्णयों को नियंत्रित करना शुरू कर दिया। हालांकि, 7 मार्च 1763 को, माधवराव ने अपनी स्थिति बरकरार रखी।
  • वर्ष 1764 में, माधवराव ने मैसूर साम्राज्य पर विजय प्राप्त की और हैदर अली सुल्तान को हराया।
  • 3 दिसंबर 1767 को, ब्रिटिश अधिकारी मास्टिन पुणे पहुंचे और माधवराव से मुलाकात की। उस समय अंग्रेज अपनी सेना स्थापित करना चाहते थे, लेकिन माधवराव ने उन्हें अनुमति नहीं दी।
  • अपने चाचा रघुनाथराव के बार-बार युद्ध का प्रयास करने के बाद, माधवराव ने रघुनाथराव के खिलाफ युद्ध किया और महाराष्ट्र के शनिवार वाडा में गिरफ्तार कर लिया।
  • 7 सितंबर 1769 को, जब वह पुणे के पार्वती मंदिर से लौट रहे थे, तब उनके चाचा ने उनकी हत्या करने का प्रयास किया था। हालांकि, माधवराव इस हमले में बच गए थे।
  • जून 1770 को, जब माधवराव तीसरे बार हैदर अली को हराने के लिए तैयार हुए, तब वह तपेदिक की बीमारी से पीड़ित हो गए थे। उसके बाद वह अपने महल में वापस लौट आए और जब उनकी हालत बिगड़ गई, 18 नवंबर 1772 को गणेश चिंतामणि मंदिर में उनका निधन हो गया।
  • उनकी पत्नी, रमाबाई का सती प्रथा के दौरान वर्ष 1772 में निधन हो गया था।
  • मराठा साम्राज्य के इतिहास में माधवराव पेशवा को सबसे महान पेशवा माना जाता है।
  • आशुतोष गोवारिकर द्वारा निर्देशित एक हिन्दी फिल्म पानीपत में अभिनेता अब्दुल क़ादिर अमीन ने उनकी भूमिका को चित्रित किया है।

    हिन्दी फिल्म पानीपत

    हिन्दी फिल्म पानीपत

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