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Prakash Amte Biography in Hindi | प्रकाश आम्टे जीवन परिचय

प्रकाश आम्टे

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जीवन परिचय
वास्तविक नाम प्रकाश बाबा आम्टे
व्यवसाय सामाजिक कार्यकर्ता
शारीरिक संरचना
लम्बाई (लगभग)से० मी०- 173
मी०- 1.73
फीट इन्च- 5’ 8”
वजन/भार (लगभग)70 कि० ग्रा०
आँखों का रंग काला
बालों का रंग श्वेत
करियर
पुरस्कार एवं सम्मान वर्ष 1984 में: महाराष्ट्र सरकार द्वारा आदिवासी सेवक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
वर्ष 2002 में: भारत सरकार द्वारा पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
वर्ष 2008 में: उन्हें अपनी पत्नी मंदाकिनी आम्टे के साथ सामुदायिक नेतृत्व के लिए रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
वर्ष 2009 में: गॉडफ्रे फिलिप्स लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।
वर्ष 2012 में: उन्हें डॉ विकास आम्टे (उनके भाई) के साथ लोकमान्य तिलक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
वर्ष 2014 में: उन्हें सोशल जस्टिस के लिए मदर टेरेसा अवार्ड से सम्मानित किया गया।
व्यक्तिगत जीवन
जन्मतिथि 26 दिसंबर 1948
आयु 70 वर्ष
जन्मस्थान आनंदवाना, चंद्रपुर जिला, महाराष्ट्र, भारत
राशि मकर
राष्ट्रीयता भारतीय
गृहनगर आनंदवाना, चंद्रपुर जिला, महाराष्ट्र, भारत
कॉलेज गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (नागपुर)
शैक्षणिक योग्यता एम. बी. बी. एस एमएस जनरल सर्जरी
धर्महिन्दू
शौक/अभिरुचि पुस्तकें पढ़ना, रेडियो सुनना और साईकिल चलाना
प्रेम संबन्ध एवं अन्य जानकारियां
वैवाहिक स्थिति विवाहित
परिवार
पत्नी मंदाकिनी आम्टे (डॉक्टर, सामाजिक कार्यकर्ता)
प्रकाश आम्टे अपनी पत्नी के साथ
बच्चे बेटा - डॉ दिगंत आम्टे, अनिकेत आम्टे
बेटी - आरती आम्टे
प्रकाश आम्टे अपने परिवार के साथ
माता-पिता पिता- बाबा आम्टे
माता- साधना ताई आम्टे
प्रकाश आम्टे के माता पिता
भाई-बहन भाई- विकास आम्टे (डॉक्टर, सामाजिक कार्यकर्ता)
प्रकाश आम्टे का भाई विकास आम्टे
बहन- कोई नहीं

प्रकाश आम्टे

प्रकाश आम्टे से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियाँ

  • प्रकाश आम्टे मैग्सेसे अवार्डी, बाबा आम्टे (सामाजिक कार्यकर्ता) के पुत्र हैं।

    प्रकाश आम्टे अपने माता पिता और पत्नी के साथ

    प्रकाश आम्टे अपने माता पिता और पत्नी के साथ

  • जब प्रकाश एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद एम. एस. की पढ़ाई कर रहे थे, तब महाराष्ट्र सरकार द्वारा उन्हें लोक बिरादरी प्रकाशन (वर्ष 1973 में उनके पिता द्वारा स्थापित एक सामाजिक संगठन) को कुछ भूमि प्रदान की गई। उसके बाद प्रकाश ने सामाजिक कार्यों को करने के लिए अपनी पढ़ाई छोड़ दी और अपने परिवार के साथ हेमलकसा चले आए।
  • लोक बिरादरी प्रकल्प में एक स्कूल, एक अस्पताल और एक पशु अनाथालय शामिल है। जो हेमलकसा में मडिया गोंड के विकास के लिए भी काम करता है। आम्टे लगभग 20 वर्षों तक बिना पानी और बिजली के वहां रहते थे और यहां तक कि बिजली के बिना कुछ प्रमुख आपातकालीन सर्जरी भी करते थे।

    प्रकाश आम्टे उपचार करते हुए

    प्रकाश आम्टे उपचार करते हुए

  • वर्ष 1995 में, प्रकाश और मंदाकिनी के सम्मान में मोनाको की रियासत के द्वारा एक डाक टिकट जारी की गई।
  • आम्टे ने एक पशु पार्क “एनिमल आर्क” की स्थापना की, जो एक वन्यजीव अनाथालय और अभयारण्य है। यह मूल रूप से उन जानवरों के लिए है, जिनके माता-पिता आदिवासी लोगों द्वारा मारे गए थे।

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  • एनिमल आर्क आम्टे के वास्तविक जीवन के अनुभव पर आधारित है: एक बार आम्टे दांडारायण जंगल से गुजर रहे थे, तभी उन्होंने एक गोंड आदिवासियों के एक समूह को देखा, जो एक बंदर का शिकार कर रहे थे। तभी आम्टे ने उनसे पूछा, तुम इस बंदर को क्यों मार रहे है। आदिवासी समूह ने जवाब देते हुए कहा कि “वह अपने समुदाय के भोजन के लिए इन वन्य जीवों का शिकार करते हैं।” उसके बाद आम्टे ने कुछ चावल और कपड़ों के बदले उस बंदर को मरने से बचाने के लिए आदिवासी समुदाय से वो बंदर खरीद लिया। आम्टे ने उस बंदर को बबली नाम दिया और बबली पशु आर्क के निवासियों में से पहली सदस्य थी।
  • आज, एनिमल आर्क में कई जंगली जानवरों जैसे तेंदुए, सियार, जंगली बिल्ली, रीसस मकाक, स्लॉथ भालू, लंगूर, काला हिरण, चार सींग वाले मृग, साँप, मगरमच्छ, अजगर, आदि शामिल हैं।

    प्रकाश आम्टे चीते के साथ एनिमल आर्क में

    प्रकाश आम्टे चीते के साथ एनिमल आर्क में

  • एक साक्षात्कार में, आम्टे के परिवार ने सुरक्षा उपायों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि,
    I have interacted with these animals for 44 years and I have felt their love and affection. Also, I am still alive.
  • प्रकाश को हेमलकसा के जंगलों के आदिवासियों का बहुत प्यार मिला। जिसके चलते सभी प्रकाश पर विश्वास रखते हैं। वह अभी भी घड़ियों और रेडियो की मरम्मत करते रहते हैं।
  • वर्ष 2014 में, उनके जीवन पर “डॉ. प्रकाश बाबा आम्टे: द रियल हीरो” नामक एक फिल्म बनाई गई, जिसमें नाना पाटेकर और सोनाली कुलकर्णी ने मुख्य भूमिका निभाई थी।
  • नवंबर 2017 में, जंगली जानवरों को आश्रय देने का लाइसेंस समाप्त हो गया, जो उन्होंने 1991 में प्राप्त किया था। लाइसेंस की वैधता समाप्त होने पर जानवरों को घर में रखना वन्यजीव संरक्षण कानूनों के खिलाफ है।
  • वर्ष 2018 में, वह अपनी पत्नी के साथ “कौन बनेगा करोड़पति” शो में आए।

  • प्रकाशवता जिसका अर्थ है प्रकाश के लिए मार्ग प्रकाश आम्टे की आत्मकथा है। उन्होंने रायमित्र (जंगल मित्र) पुस्तक भी लिखी है, जिसमें उन्होंने अपने “जंगली दोस्तों” के साथ अपने अनुभव साझा किया है।
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