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D Roopa Biography in Hindi | डी रूपा जीवन परिचय

डी रूपा

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जीवन परिचय
वास्तविक नाम डी रूपा
उपनाम ज्ञात नहीं
व्यवसाय आईपीएस
शारीरिक संरचना
लम्बाई (लगभग)से० मी०- 163
मी०- 1.63
फीट इन्च- 5' 4”
वजन/भार (लगभग)65 कि० ग्रा०
आँखों का रंग काला
बालों का रंग भूरा
व्यक्तिगत जीवन
जन्मतिथि ज्ञात नहीं
आयु ज्ञात नहीं
जन्मस्थान ज्ञात नहीं
राष्ट्रीयता भारतीय
गृहनगर दावणगेरे, कर्नाटक, भारत
स्कूल/विद्यालय ज्ञात नहीं
महाविद्यालय/विश्वविद्यालयज्ञात नहीं
शैक्षिक योग्यता मनोविज्ञान में एम.एस.सी
परिवार ज्ञात नहीं
धर्म हिन्दू
शौक/अभिरुचिलिखना, संगीत सुनना और नृत्य करना
विवाद कोई नहीं
प्रेम संबन्ध एवं अन्य जानकारियां
वैवाहिक स्थिति विवाहित
बॉयफ्रेंड एवं अन्य मामले ज्ञात नहीं
पति मुनीश मौदगिल (सिविल सेवक)
डी रूपा अपने परिवार के साथ
बच्चे बेटा : 1
बेटी : 1
धन संबंधित विवरण
आय ज्ञात नहीं

डी रूपा

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डी रूपा से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियाँ

  • डी रूपा कर्नाटक में दावणगेरे से हैं।
  • विज्ञान में परास्नातक करने के बाद डी रूपा ने लोक सेवा की तैयारी करनी शुरू की।
  • वर्ष 2000 में, उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 43 वां रैंक हासिल किया।
  • जिसके बाद उन्हें भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) आवंटित की गई। जिसके लिए वह हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण के लिए गईं। उनके बैच में वह 5 वें स्थान पर थीं और जिसके चलते उन्हें कर्नाटक कैडर आवंटित किया गया।
  • डी रूपा एक प्रखर शूटर हैं। जिसके चलते उन्होंने राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में ट्रेनिंग के दौरान शूटिंग में कई पुरस्कार जीते हैं।
  • 26 जनवरी 2016 को, उन्हें सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया।
  • वह हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत से अच्छी तरह परिचित हैं। वह एक प्रशिक्षित भरतनाट्यम नर्तक भी हैं।
  • उन्होंने अदालत के आदेशानुसार दंगो में संलिप्त उमा भारती (मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री) को गिरफ्तार किया था।
  • सशस्त्र रिज़र्व (City Armed Reserve) के उप पुलिस आयुक्त के रूप में डी रूपा ने कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा के काफिले में इस्तेमाल सरकारी वाहनों को वापस ले लिया।
  • जुलाई 2017 में, डी रूपा ने जेलों के प्रति महानिरीक्षक (DIG) के रूप में बेंगलुरु जेल में एआईएडीएमके (AIADMK) के महासचिव शशिकला को विशेष व्यवस्था दिए जाने का खुलासा किया।
  • अपनी एक रिपोर्ट के अनुसार डी रूपा ने उल्लेख किया कि, “कर्नाटक जेल के महानिदेशक (DGP) सत्यनारायण राव, शशिकला को जेल में विशेष व्यवस्था देने वाले अधिकारियों में से एक हैं, जिसमें उनके द्वारा शशिकला को अलग से रसोई घर की व्यवस्था दी जाती थी।” उन्होंने यह भी बताया कि शशिकला द्वारा कथित तौर पर इन सबके लिए जेल अधिकारियों को 2 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया था।
  • 17 जुलाई 2017 को, कर्नाटक राज्य सरकार द्वारा उन्हें जेल विभाग के डीआईजी के पद से यातायात और सड़क सुरक्षा आयुक्त, बेंगलुरु के पद पर स्थानांतरित कर दिया गया। सरकार द्वारा डी रूपा के खिलाफ सेवा नियमों की उल्लंघना और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ सार्वजनिक रूप से आरोप लगाने हेतु एक नोटिस जारी किया गया।
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