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Kulbhushan Kharbanda Biography in Hindi | कुलभूषण खरबंदा जीवन परिचय

कुलभूषण खरबंदा

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जीवन परिचय
वास्तविक नाम कुलभूषण खरबंदा
व्यवसाय अभिनेता
शारीरिक संरचना
लम्बाई (लगभग)से० मी०- 170
मी०- 1.70
फीट इन्च- 5' 7"
वजन/भार (लगभग)75 कि० ग्रा०
आँखों का रंग भूरा
बालों का रंग श्वेत
व्यक्तिगत जीवन
जन्मतिथि 21 अक्टूबर 1944
आयु (2017 के अनुसार)72 वर्ष
जन्मस्थान हसनबदल, अटॉक जिला, पंजाब, ब्रिटिश भारत
राष्ट्रीयता भारतीय
गृहनगर पंजाब, भारत
राशि तुला
स्कूल/विद्यालय ज्ञात नहीं
महाविद्यालय/विश्वविद्यालय किरोड़ी मल कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय
शैक्षणिक योग्यता स्नातक
डेब्यू फिल्म (अभिनेता) : निशांत (1974)
कुलभूषण खरबंदा की डेब्यू फिल्म निशांत
धर्म सिख
पता 501, सिल्वर कास्केड, बांद्रा पश्चिम, मुंबई
शौक/अभिरुचिपुस्तकें पढ़ना
प्रेम संबन्ध एवं अन्य मामलें
वैवाहिक स्थिति विवाहित
गर्लफ्रेंड एवं अन्य मामले ज्ञात नहीं
परिवार
पत्नी महेश्वरी देवी खरबंद
बच्चे बेटा - कोई नहीं
बेटी - श्रुति खरबंदा
कुलभूषण खरबंदा की बेटी श्रुति खरबंदा
माता-पिता पिता - नाम ज्ञात नहीं
माता - नाम ज्ञात नहीं
भाई-बहन ज्ञात नहीं
धन संबंधित विवरण
आय (लगभग)ज्ञात नहीं
कुल संपत्ति (लगभग)ज्ञात नहीं

कुलभूषण खरबंदा

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कुलभूषण खरबंदा से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियाँ

  • क्या कुलभूषण खरबंदा धूम्रपान करते हैं ?: ज्ञात नहीं
  • क्या कुलभूषण खरबंदा शराब पीते हैं ?: हाँ
  • भारत पाकिस्तान विभाजन के बाद, कुलभूषण खरबंदा का परिवार पाकिस्तान से भारत आ गया था, इसलिए उनकी प्रारंभिक स्कूली शिक्षा जोधपुर, देहरादून, अलीगढ़ और दिल्ली से हुई।
  • जब वह दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ी मल कॉलेज से पढ़ाई कर रहे थे, उस समय अमिताभ बच्चन भी उसी विश्वविद्यालय में पढ़ रहे थे।
  • अपने कॉलेज के दौरान, कुलभूषण खरबंदा ने अपने दोस्तों के साथ एक थिएटर समूह बनाया और जिसका नाम ‘अभियान’ रखा। इसके बाद, वह एक द्विभाषी रंगमंच समूह ‘यांत्रिक’ में शामिल हो गए। वह उस समय के रंगमंच समूह के पहले भुगतान लेने वाले कलाकार थे।
  • “यांत्रिक” थिएटर समूह में काम करने के बाद, वह वर्ष 1972 में कोलकाता चले गए। वहां भी वह ‘पदातिक’ नामक एक थिएटर समूह के साथ जुड़े रहे और इसके साथ वह एक गैस कारखाने में बतौर प्रशिक्षु और एक सेल्समैन नौकरी भी करते थे। इस नौकरी से उन्हें तब हाथ धोना पड़ा जब उन्होंने एक विवादित नाटक “सखाराम बिंदर” को किया।
  • वर्ष 2011 में वह घुड़सवारी करते हुए गिर गए, जिसके चलते उन्हें गंभीर चोटे लगी। कुछ दिनों के बाद, विनय शर्मा (नाटक लेखक और निर्देशक) ने उन्हें ‘आत्मकथा’ में भूमिका निभाने की पेशकश की, लेकिन उन्होंने चोटों के कारण प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया। हालांकि, विनय शर्मा कुलभूषण खरबंदा को नाटक में रखने के लिए बेहद उत्सुक थे, इसलिए उन्होंने उनके ठीक होने तक इंतजार किया।
  • कुलभूषण ने थिएटर करना तब छोड़ा, जब वह फिल्मों में व्यस्त रहने लगे थे। वर्ष 2013 में ‘आत्मकथा’ से उन्होंने 17 वर्षों के बाद मंच पर वापसी की।
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