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Shri Gaurav Krishna Shastri ji Biography in Hindi | गौरव कृष्णा शास्त्री जी जीवन परिचय

गौरव कृष्णा शास्त्री जी

जीवन परिचय
वास्तविक नाम गौरव कृष्णा शास्त्री जी महाराज
व्यवसाय भागवत पुराण कथावाचक और भजन गायक
शारीरिक संरचना
लम्बाई (लगभग)से० मी०- 180
मी०- 1.80
फीट इन्च- 5’ 11”
वजन/भार (लगभग)80 कि० ग्रा०
आँखों का रंग काला
बालों का रंग काला
व्यक्तिगत जीवन
जन्मतिथि 6 जुलाई 1984
आयु (2017 के अनुसार)33 वर्ष
जन्मस्थान वृंदावन, उत्तर प्रदेश, भारत
राशि कर्क
राष्ट्रीयता भारतीय
गृहनगर वृंदावन, उत्तर प्रदेश, भारत
स्कूल/विद्यालय ज्ञात नहीं
महाविद्यालय/विश्वविद्यालयज्ञात नहीं
शैक्षिक योग्यता ज्ञात नहीं
धर्म हिन्दू
परिवार पिता - मृदुल कृष्णा गोस्वामी जी
श्री गौरव कृष्णा शास्त्री गोस्वामी जी के पिता
माता - श्रीमती वंदना गोस्वामी जी
श्री गौरव कृष्णा शास्त्री गोस्वामी जी की माता
भाई - ज्ञात नहीं
बहन - ज्ञात नहीं
प्रेम संबन्ध एवं अन्य जानकारियां
वैवाहिक स्थिति विवाहित
पत्नी नाम ज्ञात नहीं
श्री गौरव कृष्णा शास्त्री गोस्वामी जी अपनी पत्नी के साथ
बच्चे बेटा - नीरव कृष्ण गोस्वामी
बेटी - राध्या
श्री कृष्णा गोस्वामी जी की बेटी
धन संबंधित विवरण
संपत्ति (लगभग)ज्ञात नहीं

गौरव कृष्णा शास्त्री जी

गौरव कृष्णा शास्त्री जी से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियाँ

  •  सातवीं पीढ़ी के संगीत विशेषज्ञ स्वामी हरिदास जी श्री गौरव कृष्णा गोस्वामी जी के पूर्वज हैं।
  •  वह कृष्ण उपासक वैष्णव परिवार से संबंधित हैं।
  • उन्हें संस्कृत भाषा का अच्छा ज्ञान होने के कारण “व्याकरण आचार्य” शीर्षक से संबोधित किया गया है।
  • उन्होंने अपने पूर्वजों के रीति-रिवाज को स्वीकार करते हुए अठारह वर्ष की आयु में भगवत कथा का वर्णन करना शुरू कर दिया। व्यास आसन को स्वीकार करने से पहले उन्होंने अपने पिता श्री मृदुल कृष्ण शास्त्री जी से 108 सप्ताह तक भगवत कथा को सुना। श्री गौरव कृष्णा शास्त्री अपने पिता मृदुल कृष्ण शास्त्री जी के साथ
  • उन्होंने अपने पिता मृदुल कृष्ण शास्त्री जी की श्री भगवत मिशन ट्रस्ट की स्थापना करने में मदद की जो वृंदावन में श्री राधारानी गोशाला (150 गायों के साथ) और वृंदावन में श्री राधा स्नेह बिहारी आश्रम परियोजनाओं को चलाती है। श्री गौरव कृष्णा गोस्वामी जी श्री राधारानी गोशाला वृन्दावन में   श्री गौरव कृष्णा गोस्वामी जी श्री राधा स्नेह बिहारी आश्रम वृन्दावन में
  • श्रोताओं के अनुसार उनकी बिहारीजी (कृष्ण भगवान) के प्रति भक्ति, सादगी उनके कृष्ण भजनों और भगवद कथावाचन से झलकती है।
  • उनके द्वारा सयोंजित कृष्ण भजन श्रोताओं को वृन्दावन की अनुभूति करवाते हैं।

  • उनका राधा माधव भजन पूरे विश्व में लोकप्रिय है। जिसके चलते उनके सबसे प्रसिद्ध भजन “ब्रज चौरासी कोस यात्रा”, “राधे सदा मुझ पर” और “श्याम दियां चोर अखियां”, इत्यादि हैं।

  • उनका भगवत पुराण का वर्णन पूरे विश्व में लोकप्रिय है। जिसे धार्मिक टीवी चैनल अध्यात्म, आस्था जैसे विभिन्न टीवी चैनलो पर प्रसारित किया जाता है। श्री गौरव कृष्णा गोस्वामी जी को सर अनिरुद्ध जोगनाथ मॉरिश्यस के पूर्व प्रधानमंत्री के साथ

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