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Sunil Dutt Biography in Hindi | सुनील दत्त जीवन परिचय

सुनील दत्त

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जीवन परिचय
वास्तविक नाम बलराज दत्त
व्यवसाय अभिनेता, निर्माता, निर्देशक और राजनीतिज्ञ
पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी
राजनीतिक यात्रा • 1984 में, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुए।
• 1984 में, मुंबई उत्तर पश्चिम से पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए।
• उन्होंने वर्ष 1989 और 1991 के आम चुनावों में अपनी लोकसभा सीट को सुरक्षित रखा।
• उन्होंने अपने बेटे संजय दत्त के खिलाफ मुक़दमे के कारण वर्ष 1996 और 1998 में लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा।
• वर्ष 1999, 2000 और 2004 के चुनावों में उन्होंने अपनी लोकसभा सीट को बरकरार रखा।
• वर्ष 2004 में, उन्हें मनमोहन सिंह की सरकार में युवा मामलों और खेल मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया।
शारीरिक संरचना
लम्बाई (लगभग)से० मी०- 178
मी०- 1.78
फीट इन्च- 5' 10”
वजन/भार (लगभग)75 कि० ग्रा०
आँखों का रंग गहरा भूरा
बालों का रंग काला
व्यक्तिगत जीवन
जन्मतिथि 6 जून 1930
जन्मस्थान गांव खुर्द, झेलम, पंजाब प्रांत, ब्रिटिश भारत
मृत्यु तिथि 25 मई 2005
मृत्यु स्थल बांद्रा, मुंबई, भारत (अपने निवास स्थान पर)
मृत्यु कारण हृदयाघात (दिल का दौरा पड़ने से)
आयु (मृत्यु के समय)74 वर्ष
राशि मिथुन
राष्ट्रीयता भारतीय
गृहनगर मुंबई, महाराष्ट्र, भारत
स्कूल/विद्यालय ज्ञात नहीं
कॉलेज/महाविद्यालय/विश्वविद्यालय जय हिंद कॉलेज, मुंबई, भारत
शैक्षणिक योग्यता वर्ष 1954 में जय हिंद कॉलेज बॉम्बे (अब मुंबई) से इतिहास में स्नातक
डेब्यू हिंदी फिल्म (अभिनेता) : रेलवे प्लेटफॉर्म (1955)
सुनील दत्त की डेब्यू हिंदी फिल्म रेलवे प्लेटफॉर्म (1955)
पंजाबी फिल्म (अभिनेता) : मन जीते जग जीत (1973)
सुनील दत्त की डेब्यू पंजाबी फिल्म मन जीते जग जीत (1973)
एक निर्देशक के रूप में : यादें (1964)
एक निर्देशक के रूप में डेब्यू फिल्म यादें (1964)
एक निर्माता के रूप में : मन का मीत (1968)
एक निर्माता के रूप में डेब्यू फिल्म मन का मीत (1968)
आखिरी फिल्म मुन्ना भाई एमबीबीएस (2003)
सुनील दत्त की आखिरी फिल्म मुन्ना भाई एमबीबीएस (2003)
धर्म हिन्दू
पता 8-पश्चिम, अप्सरा सहकारी ऑपरेटिंग हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड
61-बी, श्रीमती नर्गिस दत्त रोड, पाल्ली हिल, बांद्रा (पश्चिम), मुंबई: 400050
शौक/अभिरुचि समाज सेवा कार्य करना और संगीत सुनना
प्रेम संबन्ध एवं अन्य जानकारियां
वैवाहिक स्थिति विवाहित (मृत्यु के समय)
विवाह तिथि 11 मार्च 1958
गर्लफ्रेंड एवं अन्य मामले नरगिस
परिवार
पत्नी नरगिस, पूर्व भारतीय अभिनेत्री
सुनील दत्त नरगिस के साथ
बच्चे बेटा - संजय दत्त
बेटी - प्रिया दत्त, नम्रता दत्त
सुनील दत्त अपने बच्चों के साथ
माता-पिता पिता - दीवान रघुनाथ दत्त
माता - कुलवंती देवी दत्त
भाई-बहन भाई - सोम दत्त (अभिनेता)
बहन - राज रानी बाली
पसंदीदा चीजें
पसंदीदा लेखक Aghajani Kashmeri
पसंदीदा अभिनेत्री नरगिस
पसंदीदा भोजन दम चिकन
धन/संपत्ति संबंधित विवरण
आय (लगभग)ज्ञात नहीं
कुल संपत्ति (लगभग)₹20 करोड़ (वर्ष 2014 के अनुसार)

सुनील दत्त

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सुनील दत्त से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियाँ

  • क्या सुनील दत्त धूम्रपान करते थे ?: ज्ञात नहीं
  • क्या सुनील दत्त शराब पीते थे ?: ज्ञात नहीं
  • उनका जन्म झेलम जिला (पंजाब प्रांत, ब्रिटिश भारत) के खुर्द गांव में बलराज दत्त के रूप में हुआ था।
  • सुनील दत्त जब पांच वर्ष के थे, तब उनके पिता का निधन हो गया था।
  • 18 साल की उम्र में उन्होंने देश भर में हिंदू-मुस्लिम साम्प्रदायिक दंगों को देखा।
  • सुनील के पूरे परिवार को याकूब नामक एक मुस्लमान द्वारा बचाया गया था, जो उनके पिता का दोस्त था।
  • उनका सम्पूर्ण परिवार पंजाब, यमुना नदी के नजदीक यमुनानगर (अब हरियाणा) के नजदीक मंडौली नामक एक छोटे से गांव में पुनर्स्थापित हुआ।
  • उसके बाद में, वह लखनऊ चले गए, जहां उन्होंने अमिनाबाद गली में काफी समय बिताया।
  • बॉम्बे (अब मुंबई) में जय हिंद कॉलेज से स्नातक करने के बाद, उन्होंने शहर के बेस्ट परिवहन विभाग में काम किया।
  • उन्होंने दक्षिण एशिया के सबसे पुराने रेडियो स्टेशन “रेडियो सिलोन” में आरजे के रूप में भी काम किया।
  • वर्ष 1955 में, उन्होंने हिंदी फिल्म “रेलवे प्लेटफॉर्म” के साथ अपने अभिनय करियर की शुरुआत की।
  • वर्ष 1957 की ब्लॉकबस्टर फिल्म “मदर इंडिया” में नरगिस के साथ सह-अभिनीत कार्य करने के बाद वह स्टारडम तक पहुंचे। सुनील दत्त और नरगिस की सह-अभिनीत फिल्म मदर इंडिया
  • रिपोर्टों के मुताबिक, जब मदर इंडिया के सेट पर आग लगी थी, तब सुनील दत्त नरगिस को आग से बचाने के लिए आग में कूद गए। जिसके चलते दोनों एक दूसरे के प्यार में पड़ गए।
  • वर्ष 1950 और 1960 के दशक के अंत में, उन्होंने स्वयं को हिंदी सिनेमा के प्रमुख अभिनेताओं में से एक के रूप में स्थापित किया और साधना (1958), मुझे जीने दो (1963), वक्त (1965), पड़ोसन (1967), हमराज़ (1967), इत्यादि कई हिट फिल्में दीं।
  • उन्होंने वर्ष 1964 की फिल्म “यादों” में निर्देशन और अभिनय करके एक रिकॉर्ड बनाया, जिसमें उन्होंने एक अभिनेता के रूप में भी कार्य किया। सुनील दत्त की फिल्म यादें एक निर्देशक और अभिनेता के रूप में
  • उन्होंने वर्ष 1981 की फिल्म रॉकी के साथ अपने बेटे संजय दत्त को लॉन्च किया, जो बॉक्स ऑफिस पर एक सुपरहिट फिल्म थी। हालांकि, फिल्म की रिलीज से कुछ ही समय पहले उनकी पत्नी नरगिस का कैंसर की बीमारी से निधन हो गया था।
  • उन्होंने अपनी पत्नी नरगिस की याद में कैंसर पीड़ित रोगियों के इलाज के लिए नरगिस दत्त फाउंडेशन की स्थापना की। सुनील दत्त के द्वारा स्थापित नरगिस दत्त फाउंडेशन
  • उन्होंने ‘इंडिया प्रोजेक्ट’ (विकृति चेहरे वाले बच्चों के इलाज के लिए संगठन जो ‘ऑपरेशन स्माइल’ के समान है) को भी प्रायोजित किया।
  • वर्ष 1982 में, महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें एक वर्ष के लिए ‘मुंबई का शेरिफ’ नियुक्त किया।
  • वर्ष 1988 में, उन्होंने वैश्विक demilitarization के लिए अपील करने के लिए जापान के नागासाकी से हिरोशिमा तक यात्रा की।
  • उन्हें भारतीय फिल्म उद्योग में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए वर्ष 1995 में फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
  • 25 मई 2005 को, उनका अपने निवास मुंबई में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। उनकी बेटी प्रिया दत्त ने अपने पिता की संसद सीट पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।
  • उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया।
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