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Murali Sreeshankar Biography in Hindi | मुरली श्रीशंकर जीवन परिचय

Murali Sreeshankar

जीवन परिचय
व्यवसाय भारतीय एथलीट (लम्बी कूद)
शारीरिक संरचना
लम्बाई (लगभग)से० मी०- 174
मी०- 1.74
फीट इन्च- 5’ 7”
भार/वजन65 कि० ग्रा०
आँखों का रंग भूरा
बालों का रंग काला
एथलीट
मौजूदा टीमइंडिया
अंतर्राष्ट्रीय डेब्यूजून 2019 में उन्होंने ल्योन के फ्रांस Pierre-Benite Envol meet में आयोजित लंबी कूद इवेंट्स में भाग लिया।
कोच• एस. मुरली
• Bedros Bedrossian (अंतर्राष्ट्रीय कोच)
इवेंटलंबी कूद
व्यक्तिगत जीवन
जन्मतिथि 27 मार्च 1999 (शनिवार)
आयु (2022 के अनुसार)23 वर्ष
जन्मस्थान पलक्कड़, केरल, भारत
राशि मेष (Aries)
राष्ट्रीयता भारतीय
गृहनगर पलक्कड़, केरल, भारत
स्कूल/विद्यालयकेन्द्रीय विद्यालय, कांजीकोड, केरल
कॉलेज/महाविद्यालय/विश्वविद्यालय• एनएसएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पलक्कड़, केरल
• गवर्नमेंट विक्टोरिया कॉलेज, पलक्कड़, केरल
शैक्षिक योग्यताBachelor of Science (mathematics) [1]News18
शौक/अभिरुचिदोस्तों के साथ समय बिताना, मोबाइल गेम खेलना, और मूवी देखना
प्रेम संबन्ध एवं अन्य जानकारियां
वैवाहिक स्थितिअविवाहित
परिवार
पत्नीलागू नहीं
माता/पितापिता- एस मुरली (रेलवे कर्मचारी और पूर्व ट्रिपल जम्पर)
माता- केएस बिजिमोल (पूर्व 800 मीटर धावक)
बहन- श्रीपार्वती (हेप्टाथलीट)
Murali Sreeshankar with his family

Murali Sreeshankar

मुरली श्रीशंकर से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियाँ

  • मुरली श्रीशंकर एक भारतीय एथलीट हैं जो लंबी कूद स्पर्धाओं के लिए जाने जाते हैं।
  • 20 साल की उम्र तक उन्होंने अपने लंबी कूद करियर में तीन बार 8 मीटर का स्कोर पार किया है।
  • 16 मार्च 2021 को उन्होंने 8.26 मीटर के राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ 2021 में होने वाले टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया जो उनके 8.20 मीटर के पिछले रिकॉर्ड को पार कर गया।
  • उन्होंने यह उपलब्धि पंजाब के पटियाला में आयोजित फेडरेशन कप (सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप) में हासिल की। उनके पिछले चार आंकड़े 8.02 मीटर, 8.04 मीटर, 8.07 मीटर और 8.09 मीटर थे। फेडरेशन कप 2021 के दूसरे दिन पुरुषों की लंबी कूद का फाइनल एकमात्र कार्यक्रम था। Murali Sreeshankar after qualifying for Tokyo Olympics 2020
  • मुरली श्रीशंकर बचपन में पलक्कड़ स्थित अपने घर में अक्सर दौड़ते हुए सोफ़े पर कूदा करते थे। वर्ष 2021 में होने वाले टोक्यो ओलंपिक में चयनित होने के बाद उन्होंने ओलंपिक खेलों के प्रतीक के रूप का पांच बोल्ड रिंग अपने कमरे के शीशे पर बनाया। Childhood pic of Murali Sreeshankar with his sister
  • टोक्यो ओलंपिक 2020 की तैयारी के लिए उनके पिता उन्हें केरल के पलक्कड़ स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज के मैदान में लंबी कूद का अभ्यास कराया करते थे। Murali Sreeshankar getting trained with his father in Palakkad
  • मुरली श्रीशंकर ने वर्ष 2018 में जापान के गिफू में आयोजित जूनियर एशियाई चैंपियनशिप में 7.47 मीटर की लंबी कूद में कांस्य पदक जीता था। यह उनका पहला अंतरराष्ट्रीय पदक था। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन मार्च 2018 में फेडरेशन कप में आया जब उन्होंने 7.99 मीटर की छलांग लगाई। Murali Sreeshankar during Asian Games 2018
  • मुरली श्रीशंकर का नाम वर्ष 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में शामिल हुआ था लेकिन पथरी की शिकायत के कारण उन्होंने टूर्नामेंट की लिस्ट से अपना नाम कटवा दिया था और हॉस्पिटल में जाकर भर्ती हो गए। ठीक होने के बाद जब वह वापस घर आए तो उनके 65 किलो वजन में से 6 किलो वजन घट गया था। उन्होंने महासंघ से कहा कि वह आगामी एशियाई एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2018 में अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर सकते। लेकिन फिर भी उन्हें भेजा गया 7.95 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ केवल छठा स्थान ही प्राप्त कर सके। उस समय को याद करते हुए उन्होंने कहा-

    मेरे पूरी तरह से गिरने के बाद ही उन्होंने एक अल्ट्रासाउंड किया और उन्होंने मेरे एक टूटे हुए अपेंडिक्स का इलाज किया। पांच दिनों तक मैं ड्रिप पर था। जब मैं घर लौटा तो मैंने पाया कि मेरा 6 किलोग्राम वजन कम हुआ है। तभी मैंने स्वीकार कर लिया था कि मैं राष्ट्रमंडल खेलों में नहीं जाउंगा लेकिन मैं विश्व जूनियर चैंपियनशिप जुलाई और एशियाई खेलों में अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद रखता हूँ यह मेरे लिए भयानक समय था। एक दिन आप अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ आकार में होते हैं और अगले दिन आप जब जागते हैं तो महसूस करते हैं कि आपके सपने चकनाचूर हो गए हैं।”

  • उस असफलता के बाद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत की। परिवार से भी उन्हें अच्छा सहयोग मिला। उनके पिता और माता दोनों अपने समय के पूर्व एथलीट थे। हालाँकि, श्रीशंकर अपने खेल के रूप में ट्रिपल जंप को चुनकर अपने पिता के नक्शेकदम पर चल सकते थे लेकिन उन्होंने नहीं चुना।
  • आखिरकार उनकी कड़ी मेहनत एक दिन रंग लाई। वर्ष 2018 में भुवनेश्वर, ओडिशा में आयोजित राष्ट्रीय ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 8.20 मीटर की छलांग के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा। Murali Sreeshankar performing at National Open Athletics Championships 2018
  • उन्होंने वर्ष 2019 में आयोजित होने वाले विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई किया। मुरली श्रीशंकर विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय एथलीट हैं।
  • इसके बाद 2019 के एशियाई खेलों में श्रीशंकर 7.95 मीटर की सर्वश्रेष्ठ लंबी कूद के साथ छठे स्थान पर रहे।
  • उन्होंने वर्ष 2016 में अलमाटी में बने अंकित शर्मा के 8.19 मीटर के रिकॉर्ड को तोड़ दिया।
  • हालांकि उनके लिए यह काफी नहीं था। क्योंकि दोहा विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 7.62 मीटर की सर्वश्रेष्ठ लंबी कूद के साथ 27 लॉन्ग जंपर्स में से उन्हें निराशाजनक 22वां स्थान प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने पहले प्रयास में 7.52 मीटर की छलांग लगाई, फिर दूसरे प्रयास में 7.62 मीटर और फिर अंतिम प्रयास में कोई स्थान नहीं था। दोहा में आईएएएफ विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाइंग स्कोर 8.15 मीटर था। क्यूबा के जुआन मिगुएल एचेवरिया एकमात्र ऐसे लंबी कूद जंपर्स थे जिन्होंने 8.40 मीटर की छलांग लगाकर उस स्थान को प्राप्त किया।
  • 2022 कॉमनवेल्थ गेम में मुरली श्रीशंकर ने मेन्स लॉन्ग जंप के फाइनल में 8.08 मीटर के बेस्ट जंप के साथ भारत के नाम एक और रजत पदक किया। इसी के साथ राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में मुरली लॉन्ग जंप इवेंट में भारत के लिए रजत पदक जीतने वाले भारत के पहले पुरुष एथलीट बन गए। [2]Amar Ujala Murali Sreeshankar becomes first Indian male long jumper to qualify for finals

सन्दर्भ

सन्दर्भ
1 News18
2 Amar Ujala

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