Menu

Arpinder Singh Biography in hindi | अर्पिंदर सिंह जीवन परिचय

अर्पिंदर सिंह

विज्ञापन

जीवन परिचय
वास्तविक नाम अर्पिंदर सिंह
उपनाम बॉबी
व्यवसाय एथलीट
प्रसिद्ध हैं एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के लिए
शारीरिक संरचना
लम्बाई (लगभग)से० मी०- 185
मी०- 1.85
फीट इन्च- 6' 1"
वजन/भार (लगभग)75 कि० ग्रा०
शारीरिक संरचना (लगभग)- छाती : 38 इंच
- कमर: 32 इंच
- Biceps: 15 इंच
आँखों का रंग काला
बालों का रंग काला
एथलेटिक्स
खेल ट्रैक और फील्ड
इवेंट ट्रिपल जंप
कोच /सरंक्षक सुखदेव सिंह पान्नू
अर्पिंदर सिंह के कोच
जे. जयकुमार
पुरस्कार/सम्मान • एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक
• एशिया युवा ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक
• आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप में स्वर्ण पदक
व्यक्तिगत जीवन
जन्मतिथि 30 दिसंबर 1992
आयु (वर्ष 2017 के अनुसार)25 वर्ष
जन्मस्थान हर्ष छिना, अमृतसर, पंजाब, भारत
राशि मकर
राष्ट्रीयता भारतीय
गृहनगर अमृतसर, पंजाब, भारत
स्कूल स्पोर्ट्स स्कूल, जलंधर
कॉलेज/विश्वविद्यालय/महाविद्यालय ज्ञात नहीं
शैक्षणिक योग्यता ज्ञात नहीं
धर्म ज्ञात नहीं
पुरस्कार/सम्मान वर्ष 2013: कांस्य पदक (एशियाई चैंपियनशिप)
वर्ष 2014: कांस्य पदक (राष्ट्रमंडल खेलों)
वर्ष 2017: स्वर्ण पदक (एशियाई इंडोर और मार्शल आर्ट गेम्स)
वर्ष 2018: स्वर्ण पदक (एशियाई खेलों)
शौक/अभिरुचि जिम करना
प्रेम संबन्ध एवं अन्य मामलें
वैवाहिक स्थिति अविवाहित
परिवार
माता-पिता पिता - जगबीर सिंह (भारतीय फौज में हवलदार)
माता - हरमीत कौर
भाई-बहन भाई - जगरूप सिंह
बहन - कोई नहीं
धन संबंधित विवरण
कार संग्रह हुंडई वेरना

अर्पिंदर सिंह

विज्ञापन

अर्पिंदर सिंह से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियाँ

  • क्या अर्पिंदर सिंह धूम्रपान करते हैं ? नहीं
  • क्या अर्पिंदर सिंह शराब पीते हैं ? नहीं
  • युवावस्था में वह 100 मीटर दौड़ के धावक थे। वह उनके कोच ही थे जिन्होंने अर्पिंदर सिंह को ट्रिपल जंप को आजमाने के लिए कहा था।
  • वर्ष 2006 में, उन्होंने स्पोर्ट्स स्कूल, जलंधर में एक ट्रायल दिया, जिसमें उन्होंने 11 मीटर की ऊंची छलांग लगाई थी। लेकिन, उन्हें चुना नहीं गया और बाद में उन्होंने इसे छोड़ दिया। कुछ समय बाद उन्होंने कड़ी मेहनत की और 11.85 मीटर की छलांग के साथ अगले वर्ष वापसी की।
  • अंडर -17 स्कूल खेलों में, उन्होंने 13.86 मीटर की छलांग लगाई और रजत पदक जीता।
  • इसके बाद उन्होंने स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एसएआई) लुधियाना के लिए ट्रायल दिया, जहां उनका चयन किया गया। लेकिन उन्हें एक दिन के लिए ही चुना गया। वह कोई छात्रवृत्ति प्राप्त करने में सक्षम नहीं थे, जिसके कारण उन्हें वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा। हालांकि एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि “यह सब उनके अच्छे के लिए हुआ।”
  • वर्ष 2009 में, उन्होंने युवा राष्ट्रीय खेलों में जीत दर्ज की। जिससे उनकी वित्तीय स्थिति में काफी सुधार हुआ था।
  • वर्ष 2010 में, उन्होंने नेशनल स्कूल गेम्स को जीता, जिससे उन्होंने अपने करियर की नींव रखी।

    अर्पिंदर सिंह अपने कोच के साथ

    अर्पिंदर सिंह अपने कोच के साथ

  • वर्ष 2013 में, उन्होंने 16 मीटर का रिकॉर्ड तोड़ दिया। एक साक्षात्कार में, उन्होंने खुलासा किया कि वह उनका महत्वपूर्ण क्षण था जिसने उनका आत्मविश्वास बनाया और उन्हें पूणतः विश्वास दिलाया कि वह भविष्य में बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं।
  • उनके माता-पिता हमेशा अर्पिंदर सिंह का आर्थिक रूप से और भावनात्मक रूप से सहयोग करते थे। उनके पिता ने हमेशा उन्हें कड़ी मेहनत करने और खेल में जीत दर्ज करने के लिए प्रेरित करते थे।

    अर्पिंदर सिंह अभ्यास करते हुए

    अर्पिंदर सिंह अभ्यास करते हुए

  • वर्ष 2014 में, उन्होंने 17.17 मीटर की कूद के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस कार्य से उन्होंने 2014 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए क्वालीफाई किया और अपने देश के लिए कांस्य पदक जीता।

  • 29 अगस्त 2018 को, उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय खेल दिवस की पूर्व संध्या पर 2018 एशियाई खेलों में ट्रिपल जंप में स्वर्ण पदक जीता।

  • वह सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हैं, जिसके चलते विभिन्न सोशल मीडिया नेटवर्क पर उनके हजारों शुभचिंतक हैं।
विज्ञापन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *