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Morari Bapu Biography in hindi | मोरारी बापू जीवन परिचय

मोरारी बापू

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जीवन परिचय
वास्तविक नाम मोरारीदास प्रभुदास हरियाणी
उपनाम मोरारी बापू
व्यवसाय रामचरितमानस के कथाकार
शारीरिक संरचना
लम्बाई (लगभग)से० मी०- 165
मी०- 1.65
फीट इन्च- 5’ 5”
वजन/भार (लगभग)75 कि० ग्रा०
आँखों का रंग काला
बालों का रंग श्वेत
व्यक्तिगत जीवन
जन्मतिथि 25 सितंबर 1946
आयु (वर्ष 2018 के अनुसार)72 वर्ष
जन्मस्थान तालगरजदा, महुवा, गुजरात
राष्ट्रीयता भारतीय
गृहनगर तालगरजदा, जिला भावनगर, गुजरात
राशिकन्या
स्कूल सरकारी हाई स्कूल, तालगरजदा, गुजरात
कॉलेज शाहपुर कॉलेज जूनागढ़
शैक्षणिक योग्यता शिक्षण में एक कोर्स
धर्म हिन्दू
पता श्री चित्रकुटधाम ट्रस्ट, तालगरजदा, महुवा, जिला- भावनगर, गुजरात
शौक/अभिरुचि
विवाद • पोरबंदर के एक वकील ने जूनागढ़ के पास 'गिर अभयारण्य' के निषेध क्षेत्र में अवैध रूप से शेर का शो आयोजित करने के लिए मोरारी बापू और अन्य वन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
मोरारी बापू अवैध रूप से शेर के शो के दौरान
प्रेम संबन्ध एवं अन्य जानकारी
वैवाहिक स्थिति विवाहित
परिवार
पत्नी नर्मदाबेन
बच्चे बेटा - पृथ्वी हरियाणी
बेटी - भावना, प्रसन्ना, शोभना
माता-पिता पिता - प्रभुदास बापू हरियाणी
माता - सावित्री बेन
भाई-बहन भाई - 6
बहन - 2
धन संबंधित विवरण
कुल संपत्ति (लगभग)ज्ञात नहीं

मोरारी बापू

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मोरारी बापू से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियाँ

  • बचपन में, वह तुलसी के बीजों की माला बनाया करते थे।
  • उन्होंने अधिकतम बचपन अपने दादा-दादी के साथ बिताया है। उन्हें अपनी दादी अमृत माँ से लोककथाएं और दादा त्रिभोवंदासजी से रामचरितमानस (चौपाईयां) को सुनना बहुत पसंद था।
  • उनके दादा त्रिभोवंदास प्रतिदिन उन्हें रामचरितमानस के पांच भजन (चौपाईयां) सिखाते थे, क्योंकि मोरारी को स्कूल से लौटने के बाद भजन को गाना बहुत अच्छा लगता था। इस तरह, उन्होंने बारह वर्ष की आयु तक सम्पूर्ण रामायण को पढ़ लिया था।
  • एक शिक्षक के रूप में, उन्होंने दस वर्षों तक महुवा (भावनगर राज्य, गुजरात) में जे. पारेख हाई स्कूल में पढ़ाया। इस अवधि के दौरान, वह भारत के सबसे प्रमुख आध्यात्मिक नेताओं से मिले।
  • वर्ष 1960 में, चौदह वर्ष की उम्र में बापू ने पहली बार राम कथा का वाचन तालगरजदा स्थित ‘रामजी मंदिर’ में किया। जिसके चलते वर्ष 1976 में, उन्होंने नैरोबी में कथावाचन किया।

    मोरारी बापू युवावस्था में कथावाचन करते हुए

    मोरारी बापू युवावस्था में कथावाचन करते हुए

  • वह ‘वैष्णव बावा साधू निंबार्क वंश’ से संबंधित हैं, जिसमें प्रत्येक बच्चे को “बापू” कहकर पुकारा जाता है।

    मोरारी बापू

    मोरारी बापू

  • कैलिफ़ोर्निया में राम-कथा के दौरान, उन्होंने दर्शकों से उत्तराखंड में आई आपदा से पीड़ित लोगों के लिए एक करोड़ रुपए का दान देने के लिए कहा। जिसके बाद शाम तक उन्हें 3.14 करोड़ रुपए दान मिला।

    मोरारी बापू कैलिफ़ोर्निया में राम-कथा के दौरान

    मोरारी बापू कैलिफ़ोर्निया में राम-कथा के दौरान

  • उनकी तालगरजदा ट्रस्ट ने उत्तराखंड पीड़ितों की मदद के लिए 1 लाख रुपए का दान दिया।
  • उन्होंने अब तक 700 से अधिक रामकथाओं का वाचन किया है। जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका, इंग्लैंड, ब्राजील, भूटान, दुबई, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और केन्या, आदि विभिन्न देश शामिल है।
  • समय-समय पर, वह विभिन्न आध्यात्मिक नेताओं से मिलते रहे और मानवता के लिए कल्याणकारी कार्य किए।

    मोरारी बापू विभिन्न आध्यात्मिक नेताओं के साथ

    मोरारी बापू विभिन्न आध्यात्मिक नेताओं के साथ

  • वर्ष 2009 में, बापू ने महुवा में ‘विश्व धर्म वार्ता और सिम्फनी सम्मेलन’ का आयोजन किया, जिसका उद्घाटन दलाई लामा ने किया था।

    मोरारी बापू दलाई लामा के साथ

    मोरारी बापू दलाई लामा के साथ

  • उनके सचिव दिलावर खान एक मुसलमान है, जिसके चलते मुस्लिम दर्शकों की एक अच्छी संख्या भी उनकी रामकथा को सुनती है।
  • कई प्रसिद्ध राजनीतिक नेता अक्सर उनके समागमों में आते रहते हैं।

    मोरारी बापू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ

    मोरारी बापू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ

  • महुवा में हर साल मुस्लिम समुदाय द्वारा एक प्रसिद्ध कार्यक्रम ‘याद-ए-हुसैन’ आयोजित किया जाता है, जिसमें बापू मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हैं।
  • 17 सितंबर 2016 को, उन्होंने अबु धाबी में कथावाचन किया। जहां सुल्तान मोहम्मद-बिन-जयद-अल-नहयान ने मोरारी बापू का भव्य स्वागत किया था।

    मोरारी बापू अबु धाबी में

    मोरारी बापू अबु धाबी में

  • वह जरूरतमंद छात्रों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करवाते हैं और गुजरात में सालाना हनुमान जयंती के अवसर पर आयोजित ‘संकटमोचन संगीत महोत्सव’ में पुरस्कार देकर भारतीय कला, साहित्य और संस्कृति का समर्थन करते हैं। जिसे पिछले दो सालों से आयोजित किया जा रहा है।
  • 26 अप्रैल 2016 को, मोरारी बापू ने वाराणसी स्थित संकटमोचन मंदिर में आयोजित ‘संगीत समारोह’ में पाकिस्तानी गज़ल गायक उस्ताद गुलाम अली का स्वागत किया। जिसका शिवसेना समर्थकों ने कड़ा विरोध किया था।

    मोरारी बापू ने वाराणसी स्थित संकटमोचन मंदिर में

    मोरारी बापू ने वाराणसी स्थित संकटमोचन मंदिर में

  • बापू के अनुसार, उन्हें आधुनिक सुविधाओं की कोई आवश्यकता नहीं है और वह एक गांव के कुटीर (एक प्रशंसक के साथ) में रहना पसंद करते हैं।
  • एक टीवी शो- ‘आप की अदालत’ में एक साक्षात्कार के दौरान, रजत शर्मा के साथ, उन्होंने अपने व्यक्तित्व के कई पहलुओं को प्रकट किया। जैसे कि वह कभी भी अपना जन्मदिन नहीं मनाते हैं।

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