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Pandit Jasraj Biography in Hindi | पंडित जसराज जीवन परिचय

पंडित जसराज

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जीवन परिचय
वास्तविक नाम पंडित जसराज
व्यवसाय भारतीय शास्त्रीय गायक
शारीरिक संरचना
लम्बाई (लगभग)से० मी०- 163
मी०- 1.63
फीट इन्च- 5' 4"
वजन/भार (लगभग)70 कि० ग्रा०
आँखों का रंग काला
बालों का रंग धूसर
संगीत
संगीत शिक्षक1. पंडित मनीराम
2. जयवंत सिंह वाघेला
3. उस्ताद गुलाम कादर खान (मेवात घराना)
4. स्वामी वल्लभदास (आगरा घराना)
पुरस्कार/सम्मान • वर्ष 2014 में, उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट के लिए सुमित्रा चरत राम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
• वर्ष 2000 में, उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।
• वर्ष 1990 में, उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।
• वर्ष 1987 में, उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
• वर्ष 2008 में, उन्हें स्वाती संगीता पुरष्कृम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
• वर्ष 2010 में, उन्हें संगीत नाटक अकादमी फैलोशिप से सम्मानित किया गया।
व्यक्तिगत जीवन
जन्मतिथि 28 जनवरी 1930
आयु (2018 के अनुसार)88 वर्ष
जन्मस्थान ग्राम पिली मंडोरी, फतेहाबाद जिला, हरियाणा, भारत
राशि कुंभ
राष्ट्रीयता भारतीय
गृहनगर ग्राम पिली मंडोरी, फतेहाबाद जिला, हरियाणा, भारत
डेब्यू पार्श्व गायक : फिल्म- संगीत मार्तण्ड पंडित जसराज
परिवार पिता - मोतीराम
माता - नाम ज्ञात नहीं
भाई - ज्ञात नहीं
बहन - ज्ञात नहीं
धर्म हिन्दू
शौक/अभिरुचिगायन, लेखन और पढ़ना
पसंदीदा चीजें
पसंदीदा भोजन पंजाबी भोजन
पसंदीदा अभिनेता अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, राजेश खन्ना
पसंदीदा अभिनेत्री मधुबाला, रेखा, सुलक्षना पंडित, वैजयंती माला
पसंदीदा संगीतकार लता मंगेशकर, एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी, अनुराधा पौड़वाल, साधना सरगम, शंकर महादेवन
पसंदीदा रंग श्वेत, लाल, केसर
प्रेम संबन्ध एवं अन्य जानकारियां
वैवाहिक स्थिति विवाहित
पत्नी मधुरा शांताराम
जसराज पंडित अपनी पत्नी और बेटी के साथ
विवाहित तिथि वर्ष 1962
बच्चे बेटा - शारंग देव पंडित
पंडित जसराज अपने बेटे के साथ
बेटी - दुर्गा जसराज
पंडित जसराज अपनी बेटी के साथ
धन संबंधित विवरण
आय (एक रंगमंच कलाकार के रूप में)₹7-8 लाख/कार्यक्रम
संपत्ति (लगभग)₹3-4 करोड़

पंडित जसराज 1

पंडित जसराज से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियाँ

  • क्या पंडित जसराज धूम्रपान करते हैं ?: नहीं
  • क्या पंडित जसराज शराब पीते हैं ?: नहीं
  • पंडित जसराज मेवाती घराने से संबंधित हैं, जो भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रति भक्ति के लिए जाना जाता है।
  • वह कृष्ण और हनुमान के बहुत बड़े भक्त हैं और वह अधिकतर समय भगवान कृष्ण के भजन गाते रहते हैं।

  • वह बेगम अख्तर और उनके गीत “दीवाना बनाना है तो” से बहुत प्रेरित थे। स्कूल बंक करने के बाद वह एक छोटे से रेस्तरां में घंटों तक बैठते थे, जहां यह गीत रोजाना बजता था।

  • शुरुआत में, उनके पिता ने एक गायक के रूप में उनका प्रशिक्षण प्रारम्भ किया, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्होंने अपने भाई और गुरु पंडित मनीराम के साथ एक तबलावादक के रूप में कार्य करना शुरू किया।
  • उनकी पत्नी मधुरा ने कुछ डॉक्यूमेंटरी फिल्मों का निर्देशन किया है। जिनमें से गीत-गोविंद, कान कहानी और सूरदास, इत्यादि शामिल हैं।
  • वर्ष 2009 में, उनकी पत्नी ने एक फिल्म बनाई जिसका शीर्षक “संगीत मार्तण्ड पंडित जसराज” है। जो पंडित जसराज के जीवन पर आधारित है।

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  • प्रसिद्ध संगीतकार जतिन-ललित उनके भतीजे हैं और सुलक्षना पंडित और विजयता पंडित जिन्हें 1980 के दशक में कई हिंदी फिल्मों में देखा गया था, उनकी भतीजीयां हैं।
  • वर्ष 1946 में, वह कलकत्ता चले गए, जहां उन्होंने एक भारतीय शास्त्रीय शो में तबले का वादन किया और इसके बाद वह ऑल इंडिया रेडियो के लिए प्रदर्शनकारी कलाकार के रूप में कार्य करने लगे।
  • शुरुआत में, वह एक तबला वादक बनना चाहते थे। लेकिन उस समय लोगों द्वारा की तबलावादक को हीनभावना से देखा जाता था, जिसके चलते उन्होंने एक संगीतकार बनने की ठान ली, जिसके चलते महज 14 वर्ष की आयु में जसराज ने एक प्रतिज्ञा ली की जब तक वह एक संगीतकार नहीं बन जाते तब तक वह अपने बाल नहीं कटवाएंगे।
  • 16 साल की उम्र में, उन्होंने एक गायक के रूप में अपना प्रशिक्षण शुरू किया और 22 वर्ष की आयु में, उन्होंने अपना पहला लाइव संगीत कार्यक्रम किया।
  • एक साक्षात्कार में उन्होंने उल्लेख किया कि वर्ष 1960 में, एक अस्पताल में उनकी मुलाकात बड़े गुलाम अली खान से हुई, तब गुलाम अली ने जसराज को उनका शिष्य बनने के लिए कहा, लेकिन जसराज ने उनकी संरक्षकता से इनकार कर दिया क्योंकि वह पहले से ही मनीराम के शिष्य थे।
  • उन्होंने एक कीर्तिमान बनाया, जिसमें वह उत्तरी और दक्षिण ध्रुव में प्रदर्शन करने वाले पहले भारतीय हैं।
  • उन्होंने फिल्म ‘बीरबल माई ब्रदर’ (1975) में साउंडट्रैक दिया और फिल्म ‘1920’ एक हॉरर फिल्म में एक गीत “वादा तुमसे है वादा” को गाया है।

  • उन्होंने फिल्म ‘लाइफ ऑफ पाई’ के लिए एक साउंडट्रैक किया, जो हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत और पश्चिमी संगीत का मिश्रण है।

  • वर्ष 1972 के बाद, वह अपने पिता की याद में हर वर्ष भारत, हैदराबाद में पंडित मोतीराम पंडित मनीराम संगीत समारोह का आयोजन करते आ रहे हैं।

  • जसराज ने कविता कृष्णमूर्ति, अनुराधा पौडवाल, साधना सरगम, शंकर महादेवन, मुकेश देसाई, रमेश नारायण और अंकिता जोशी जैसे कई प्रसिद्ध गायकों को प्रशिक्षित किया है।
  • उन्हें संगीत कला रत्न, मास्टर दीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार, लता मंगेशकर पुरस्कार एवं कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।
  • यहां पंडित जसराज के साथ एक साक्षात्कार का वीडियो है, जिसमें वह अपनी जीवन यात्रा के बारे में बताते हैं :

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