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Lata Mangeshkar Biography in Hindi | लता मंगेशकर जीवन परिचय

लता मंगेशकर

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जीवन परिचय
वास्तविक नाम लता मंगेशकर
उपनाम बॉलीवुड की नाइटिंगेल
व्यवसाय भारतीय पार्श्व गायिका
शारीरिक संरचना
लम्बाई (लगभग)से० मी०- 155
मी०- 1.55
फीट इन्च- 5' 1”
वजन/भार (लगभग)65 कि० ग्रा०
आँखों का रंग काला
बालों का रंग सफेद और काला
व्यक्तिगत जीवन
जन्मतिथि 28 सितंबर 1929
आयु (2017 के अनुसार)88 वर्ष
जन्मस्थान इंदौर राज्य, मध्य भारत, ब्रिटिश भारत
राशि तुला
राष्ट्रीयता भारतीय
गृहनगर मुंबई, भारत
स्कूल/विद्यालय Attended a Catholic School in Orbassano, a town near Turin, Italy
महाविद्यालय/विश्वविद्यालयBell Educational Trust's language school, Cambridge City, England
शैक्षिक योग्यता ज्ञात नहीं
संगीतकार
डेब्यू पार्श्व गायिका (फिल्म)- 'माता, एक सपूत की दुनिया बदल दे तू' ('गजाभाऊ मराठी, 1943)
गजाभाऊ
संगीत शिक्षकदीनानाथ मंगेशकर (पिता)
उस्ताद अमानत अली खान
अमानत खान देवस्वाले
गुलाम हैदर
पंडित तुलसीदास शर्मा
पुरस्कारराष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार
• वर्ष 1972 में, फ़िल्म परिचय के गाने के लिए सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका
• वर्ष 1974 में, फ़िल्म कोरा कागाज़ के गाने के लिए सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका
• वर्ष 1990 में, फ़िल्म लेकिन के गाने के लिए सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका
फिल्मफेयर पुरस्कार
• वर्ष 1959 में, सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका गीत "आजा रे परदेसी" (मधुमती) के लिए
• वर्ष 1963 में, सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका गीत "कहीं दीप जले कहीं दिल" (बीस साल बाद) के लिए
• वर्ष 1966 में, सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका गीत "तुम्हीं मेरे मंदिर, तुम्हीं मेरी पूजा" (ख़ानदान) के लिए
• वर्ष 1970 में, सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका गीत "आप मुझे अच्छे लगने लगे" (जीने की राह) के लिए
• वर्ष 1994 में, फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
• वर्ष 1995 में, फिल्मफेयर विशेष पुरस्कार गीत "दीदी तेरा देवर दिवाना" (हम आपके हैं कौन) के लिए
महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार
• वर्ष 1966 में, सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका फिल्म "साधी माणसं" के लिए
• वर्ष 1977 में, सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका फिल्म "जैत रे जैत" के लिए
• वर्ष 1997 में, महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार से सम्मानित
• वर्ष 2001 में, महाराष्ट्र रत्न (प्रथम प्राप्तकर्ता) से सम्मानित
भारत सरकार पुरस्कार
• वर्ष 1969 में, पद्म भूषण से सम्मानित
• वर्ष 1989 में, दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित
• वर्ष 1999 में, पद्म विभूषण से सम्मानित
• वर्ष 2001 में, भारत रत्न से सम्मानित
• वर्ष 2008 में, भारत की आजादी के 60 वीं वर्षगांठ स्मृति के दौरान "लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड" से सम्मानित किया गया।
नोट- इनके अलावा, उनके पास कई अन्य पुरस्कार, सम्मान, उपलब्धियां भी है।
परिवार पिता - दीनानाथ मंगेशकर
लता मंगेशकर अपने पिता के साथ
माता - शेवंती मंगेशकर
लता मंगेशकर अपनी मां के साथ
भाई - हृदयनाथ मंगेशकर
बहन- उषा मंगेशकर, आशा भोसले, मीना खडीकर
लता मंगेशकर अपनी बहनों और भाई के साथ
धर्म हिन्दू
जातीयतामहाराष्ट्रीयन
शौक/अभिरुचिक्रिकेट देखना, साइकिल चलाना
विवाद • एक समय में, लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी के बीच रॉयल्टी के मुद्दे पर मतभेद हो गए, क्योंकि लता संगीत एलबम में हिस्सा लेना चाहती थीं, जबकि रफी वेतन के लिए गीत गाते थे।
• एक बार लता मंगेशकर और एस. डी. बर्मन के बीच मतभेद उत्पन्न हुए, और उन्होंने 7 वर्ष तक एक-दूसरे के साथ काम करने से इनकार कर दिया।
पसंदीदा चीजें
पसंदीदा भोजन ‎मसालेदार भोजन
पसंदीदा पेय-पदार्थकोका-कोला
पसंदीदा राजनीतिज्ञअटल बिहारी वाजपेयी
पसंदीदा अभिनेता दिलीप कुमार, अमिताभ बच्चन, देव आनंद
पसंदीदा अभिनेत्रीनरगिस, मीना कुमारी
पसंदीदा संगीत निर्देशकगुलाम हैदर, मदन मोहन, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, ए आर रहमान
पसंदीदा फिल्मेंकिस्मत (1943), जेम्स बॉण्ड की फिल्में
पसंदीदा खेलक्रिकेट
पसंदीदा क्रिकेटरसचिन तेंदुलकर
पसंदीदा स्थानलॉस एंजेलिस
प्रेम संबन्ध एवं अन्य जानकारियां
वैवाहिक स्थिति अविवाहित
बॉयफ्रैंड्स एवं अन्य मामलेभुपेन हजारिका (गीतकार)
लता मंगेशकर भुपेन हजारिका के साथ
पतिलागू नहीं
बच्चेकोई नहीं
धन/संपत्ति संबंधित विवरण
कार संग्रह मर्सिडीज बेंज
संपत्ति (लगभग)60 करोड़ भारतीय रुपए (2016 के अनुसार)

लता मंगेशकर

लता मंगेशकर से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियाँ

  • क्या लता मंगेशकर धूम्रपान करती हैं ? नहीं
  • क्या लता मंगेशकर शराब पीती हैं ? नहीं
  • उनका जन्म इंदौर के एक मराठी भाषा बोलने वाले परिवार- दीनानाथ मंगेशकर और शेवंती (सुभामिता) के घर में हुआ, जो कि मध्य भारत (अब मध्य प्रदेश) का हिस्सा था।
  • उनके पिता एक रंग मंच अभिनेता और शास्त्रीय गायक थे।
  • उनकी मां, शेवंती मंगेशकर दीनानाथ की दूसरी पत्नी थीं।
  • उनके पिता दीनानाथ ने अपना उपनाम हार्दिकर से बदल कर मंगेशकर रख लिया, क्योंकि वह अपने मूल निवास, जो कि गोवा में स्थिति एक छोटा सा क़स्बा मंगेशी था, को अपने परिवार के नाम के साथ जोडना चाहते थे।
  • जब लता पैदा हुई तो उनका नाम हेमा रखा गया था, जिसे उनके माता-पिता ने बाद में बदल कर लता रख दिया, क्योंकि उनके पिता द्वारा नाटक “भावबन्धन” में एक महिला चरित्र का नाम लतिका था।
  • वर्ष 1938 में, उनका पहला लोक नाटक नुतन थियेटर, सोलापुर में था, जहां उन्होंने राग खंबावती और 2 मराठी गाने गाए।
  • 5 वर्ष की उम्र में ही लता ने अपने पिता द्वारा निर्देशित मराठी नाटकों में एक अभिनेत्री के तौर पर कार्य करना शुरू कर दिया था।
  • वह केवल एक ही दिन के लिए स्कूल गई थी। ऐसा कहा जाता है कि स्कूल के पहले ही दिन अपनी छोटी बहन आशा को अपने साथ स्कूल ले गई थीं, और स्कूल के अन्य छात्राओं को संगीत सीखने लग गई। जब अध्यापकों ने लता को अपनी छोटी बहन को स्कूल लाने और छात्राओं को संगीत सीखने के लिए माना किया तो लता इतनी क्रोधित हुई की उन्होंने तत्काल स्कूल छोड़ दिया और फिर वापस स्कूल कभी नहीं गई।
  • जब वह 13 साल की थी, तब 1942 में उनके पिता की हृदय रोग के कारण मृत्यु हो गई थीं, और उनके पिता की मृत्यु के बाद, मंगेशकर परिवार के सबसे करीबी दोस्त- मास्टर विनायक (विनायक दामोदर कर्नाटकी) ने उनके परिवार की देखभाल की और उनकी मदद एक अभिनेत्री और गायक बनने के रूप में की।
  • वर्ष 1942 में, उन्होंने अपना पहला गीत “नाचू या गडे,खेळू साड़ी मणि हाउस भारी” मराठी फिल्म “किती हसाल” के लिए गाया, हालांकि, बाद में इस गाने को अंतिम कट से हटा दिया गया था।
  • वर्ष 1942 में, उन्होंने अपना पहला प्रदर्शित गीत ‘नताली चैत्राची नवालाई’ एक मराठी फिल्म ‘पहिली मंगलागौर’ में गाया था।

  • वर्ष 1943 में, उन्होंने पहला हिंदी गीत- ‘माता, एक सपूत की दुनिया बदल दे तू’ मराठी फिल्म “गजाभाऊ” के लिए गाया था।
  • वर्ष 1945 में, लता मुंबई स्थानांतरित हो गईं।
  • उन्होंने मास्टर विनायक की पहली हिंदी फिल्म “बडी माँ” (1945) में अपनी छोटी बहन आशा के साथ एक छोटी सी भूमिका निभाई।
  • जब गुलाम हैदर (संगीत निर्देशक) ने लता को फिल्म शहीद (1948) के निर्माता सशधर मुखर्जी  से मिलाया तो मुखर्जी ने लता की आवाज़ को ‘बहुत पतली’ बताते हुऐ उन्हें खारिज कर दिया। इसके बाद गुलाम हैदर ने कहा कि आने वाले वर्षो में फिल्म के निर्माता और निर्देशक लता का पैर पकड़ कर भीख मांगे गए की वह उनकी फिल्मों में गीत गाए।
  • लता का पहला सफल गीत “दिल मेरा तोड़ा हाय मुझे कहीं का न छोड़ा तेरे प्यार ने (मजबूर, 1948 ) था।

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  • एक साक्षात्कार में, लता मंगेशकर ने बताया कि गुलाम हैदर उनके असली गुरु थे, जिन्होंने उनकी प्रतिभा पर भरोसा किया।  लता मंगेशकर अपने गुरु गुलाम हैदर के साथ
  • ऐसा कहा जाता है कि शुरू में उन्होंने प्रख्यात गायिका नूरजहां को कॉपी किया था, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी स्वयं की गायन शैली को विकसित किया।
  • उर्दू / हिंदी गीत गाते हुए मराठी उच्चारण करने पर दिलीप कुमार ने लता मंगेशकर के ऊपर एक नकारत्मक टिप्पणी कि थी। इसके बाद लता ने उर्दू का सटीक उच्चारण सीखने की ठान ली और शफी नामक एक उर्दू अध्यपक से उर्दू में उच्चारण करना सीखने लगी।
  • गीत “आएगा आनेवाला” (महल, 1949) से वह काफी लोकप्रिय हो गईं, और ऐसा मानते है कि इस गीत को जिस ख़ूबसूरती से लता मंगेशकर ने गाया है, ऐसा कोई अन्य गायक नहीं गा सकता है।

  • वर्ष 1956 में, उनका एक गीत “रसिक बलमा” (चोरी चोरी) ने सर्वश्रेष्ठ गीत के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार जीता। फिल्मफेयर अवॉर्ड 1958 में शुरू किए गए थे और पार्श्व गायकों का कोई भी वर्ग इसमे शामिल नहीं था, इसलिए उन्हें कोई पुरस्कार नहीं मिला, और उनके विरोध के बाद, इस श्रेणी को 1958 में शामिल किया गया था।
  • लता को सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक के लिए पहला फिल्मफेयर पुरस्कार गीत “आजा रे परदेसी” (मधुमत, 1958) के लिए मिला। उन्होंने 1958 से 1966 तक सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्वगायक के लिए फिल्मफेयर पुरस्कारों पर एकाधिकार किया। अपनी उदारता का परिचय देते हुए, वर्ष 1969 में लता ने फिल्मफेयर पुरस्कार लेने से मना कर दिया ताकि नए लोगो की प्रतिभाओं को बढ़ावा मिल सके।
  • उन्होंने फिल्म “परिचय” (1972) में सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका के लिए पहला नेशनल फिल्म अवार्ड जीता।

  • वह फिल्म “लेकिन…” (1990) के लिए सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्वगायक की श्रेणी में राष्ट्रीय फिल्म अवॉर्ड की सबसे पुरनी विजेता (oldest winner) (61 उम्र) का भी रिकॉर्ड रखती है।

  • वर्ष 1962 की, शुरुआत में उन्हें हल्का जहर दे दिया था, और उसके बाद, वह लगभग 3 महीने के लिए बिस्तर पर रहीं।
  • 27 जनवरी 1963 को, लता ने चीन-भारत युद्ध के पृष्ठपट से एक देशभक्ति गीत “ऐ मेरे वतन के लोगों” गाया। यह गीत सुनने के बाद पंडित जवाहर लाल नेहरू (भारत के पूर्व प्रधान मंत्री) की आँखों में आँसू आ गए थे।

  • लता ने संगीत निर्देशक लक्ष्मीकांत प्यारेलाल के लिए अधिकतम संख्या में गाने (712) गाए हैं।
  • उन्होंने 1955 में, पहली बार एक मराठी फिल्म “राम राम पाव्हणं” के लिए गीत लिखा।    राम राम पाव्हणं
  • उन्होंने चार फिल्मों का निर्माण भी किया, जैसे कि- वादाई (मराठी 1953), झिंझर (हिंदी, 1953), कंचन (हिंदी, 1955), लेकिन (हिंदी,1990) ।
  • वर्ष 2001 में, उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।    लता मंगेशकर भारत रत्न प्राप्त करती हुईं
  • मध्यप्रदेश सरकार और महाराष्ट्र सरकार ने क्रमशः 1984 और 1992 में लता मंगेशकर पुरस्कार की स्थापना की।
  • उन्हें मेकअप करना पसंद नहीं है।
  • एक साक्षात्कार के दौरान लता मंगेशकर ने बताया कि मशहूर गायक के एल सैगल से मिलना और दिलीप कुमार के लिए गीत गाना उनकी अतृप्त इच्छाओं में से एक है।
  • उन्होंने 14 विभिन्न भाषाओं में 50000 से अधिक गाने गाए हैं।
  • यहां संगीत की देवी की एक झलक है:

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