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Sharda Sinha Biography in Hindi | शारदा सिन्हा जीवन परिचय

शारदा सिन्हा

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जीवन परिचय
वास्तविक नाम शारदा सिन्हा
उपनाम बिहार कोकिला
व्यवसाय लोक गायिका
शारीरिक संरचना
लम्बाई (लगभग)से० मी०- 152
मी०- 1.52
फीट इन्च- 5'
वजन/भार (लगभग)70 कि० ग्रा०
आँखों का रंग काला
बालों का रंग काला
व्यक्तिगत जीवन
जन्मतिथि 1 अक्टूबर 1952
आयु (2017 के अनुसार)65 वर्ष
जन्मस्थान हुलास, राघोपुर, सुपौल जिला, मिथिला क्षेत्र, बिहार
राष्ट्रीयता भारतीय
गृहनगर हुलास, राघोपुर, सुपौल जिला, मिथिला क्षेत्र, बिहार
स्कूल/विद्यालय बांकीपुर गर्ल्स हाईस्कूल, बिहार
महाविद्यालय/विश्वविद्यालयमगध महिला कॉलेज, बिहार
प्रयाग संगीत समिति, इलाहाबाद
समस्तीपुर शिक्षण महाविद्यालय, बिहार
शैक्षिक योग्यता मगध महिला कॉलेज से स्नातक
समस्तीपुर के शिक्षण महाविद्यालय से बीएड
प्रयाग संगीत समिति, इलाहाबाद से संगीत में परास्नातक
पुरस्कार/सम्मान • वर्ष 1991 में, उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
• वर्ष 2001 में, उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
• वर्ष 2015 में, उन्हें बिहार सरकार द्वारा सिनेयात्रा पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
शारदा सिन्हा सिनेयात्रा पुरस्कार ग्रहण करते हुए
• वर्ष 2018 में, उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
शारदा सिन्हा पद्म भूषण ग्रहण करते हुए
धर्म हिन्दू
जाति कायस्थ
शौक/अभिरुचिगीत गाना और लिखना, नृत्य करना
पसंदीदा चीजें
पसंदीदा भोजन लड्डू और पराठा
प्रेम संबन्ध एवं अन्य जानकारियां
वैवाहिक स्थिति विवाहित
परिवार
माता-पिता पिता - सुखदेव ठाकुर (शिक्षा विभाग में वरिष्ठ अधिकारी)
माता - नाम ज्ञात नहीं
भाई-बहन ज्ञात नहीं
पतिडॉ. ब्रज किशोर सिन्हा
शारदा सिन्हा अपने पति के साथ
बच्चे बेटा - अंशुमन सिन्हा
शारदा सिन्हा अपने बेटे के साथ
बेटी - वंदना
शारदा सिन्हा अपनी बेटी के साथ

शारदा सिन्हा

शारदा सिन्हा से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियाँ

  • क्या शारदा सिन्हा धूम्रपान करती हैं ?: नहीं
  • क्या शारदा सिन्हा शराब पीती हैं ?: नहीं
  • उनका जन्म हुलास गांव के एक समृद्ध परिवार में हुआ, जहां उनके पिता सुखदेव ठाकुर शिक्षा विभाग में एक वरिष्ठ अधिकारी के रूप में कार्यरत थे।
  • बचपन से उनका नृत्य और गायन के प्रति काफी लगाव था।
  • स्कूल के दिनों में जब शारदा अपनी सहेलियों के साथ गीत गा रही थीं, वहीं चुपके से हरि उप्पल (शारदा के शिक्षक) उनका गीत सुन रहे थे। जिसके बाद उन्होंने सभी से पूछा कि “यह रेडियो कौन बजा रहा है” तभी सभी ने जवाब दिया कि “शारदा गीत गा रही हैं।” तभी शारदा को प्रधानचार्य कार्यालय में बुलाकर उस गीत को टेप रिकॉर्डर में रिकॉर्ड किया।
  • शारदा के अनुसार गायन के क्षेत्र में करियर को सक्रिय बनाने के लिए उनके परिवार का भरपूर सहयोग मिला।
  • उन्होंने मैथिली, भोजपुरी, हिंदी, इत्यादि भाषाओं में गायन किया है।
  • उन्होंने शास्त्रीय संगीत की उच्च शिक्षा प्रतिष्ठित गुरुओं से ली है। जिसके चलते वह मणिपुरी नृत्य में पारंगत हैं।
  • शारदा को बिहार की लोक संस्कृति को बनाए रखने के लिए भारत सरकार द्वारा वर्ष 1991 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • उन्होंने पहली बार बॉलीवुड फिल्म “मैंने प्यार किया” (1989) में एक गायिका के रूप में कार्य किया है। उन्हें इस फिल्म में गीत गाने के लिए ₹76 रुपए मिले थे।

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  • शारदा सिन्हा ने सुगम संगीत की हर विधा में गायन किया है, जिसमें गीत, भजन, गज़ल, इत्यादि शामिल हैं।
  • उन्होंने अनुराग कश्यप की फिल्म “गैंग्स ऑफ वासेपुर” में ”तार बिजली से पतले हमारे पिया, ओ री सासु बता तूने ये क्या किया” के लोकप्रिय गीत को गाया है।

  • वर्ष 2009 के बिहार विधानसभा चुनाव में शारदा सिन्हा चुनाव आयोग की ब्रांड एंबैसडर भी रही हैं।
  • वर्ष 1988 में, उन्होंने मॉरीशस के 20वें स्वतंत्रता दिवस पर अपने गायन की प्रस्तुति दी थी।
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