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Morarji Desai Biography in Hindi | मोरारजी देसाई जीवन परिचय

मोरारजी देसाई

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जीवन परिचय
व्यवसाय भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और राजनेता
राजनीतिक दल • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (वर्ष 1934 से वर्ष 1969 तक)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी
• Congress (O) Party (वर्ष 1969 से वर्ष 1977 तक)
• जनता पार्टी (वर्ष 1977 से वर्ष 1988 तक)
जनता पार्टी
• जनता दल (वर्ष 1988 से वर्ष 1995 तक)
जनता दल
राजनीतिक यात्रा • वर्ष 1931 में, वह अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के सदस्य बने।
• वर्ष 1937 तक, वह गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव रहे।
• वर्ष 1937 में, वह कांग्रेस सरकार के अंतर्गत राजस्व, कृषि, वन एवं सहकारिता मंत्रालय के मंत्री बने।
• वर्ष 1946 में, राज्य विधानसभा के चुनावों के बाद वह मुंबई में गृह एवं राजस्व मंत्री बने।
• वर्ष 1952 में, वह मुंबई के मुख्यमंत्री बने।
• 14 नवंबर 1956 को, वह वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री के रूप में केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हुए।
• 22 मार्च 1958 को, उन्होंने वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभाला।
• वर्ष 1967 में, वह इंदिरा गांधी के मंत्रिमंडल में उप-प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्रालय के प्रभारी मंत्री के रूप में शामिल हुए।
• वर्ष 1971 में, उन्हें संसद सदस्य के रूप में चुना गया।
• 24 मार्च 1977 को, उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की।
मोराजी देसाई भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करते हुए
व्यक्तिगत जीवन
जन्मतिथि 29 फरवरी 1896
जन्मस्थान भदेली, बम्बई प्रेसिडेंसी
मृत्यु तिथि 10 अप्रैल 1995
मृत्यु स्थल भदेली, बम्बई
मृत्यु कारण स्वाभाविक मृत्यु
समाधि स्थल भदेली, बम्बई, भारत
आयु (मृत्यु के समय)99 वर्ष
राष्ट्रीयता भारतीय
हस्ताक्षर मोरारजी देसाई हस्ताक्षर
गृहनगर भदेली, बम्बई प्रेसिडेंसी
स्कूल/विद्यालय • सौराष्ट्र कुंडला स्कूल, सावरकुंडला, बम्बई
• बाई अव बाई हाई स्कूल, वलसाड, बम्बई
महाविद्यालय/विश्वविद्यालय विल्सन कॉलेज, बम्बई
शैक्षणिक योग्यता स्नातक
परिवार पिता - रणछोड़जी देसाई (अध्यापक)
माता - वाजीबेन देसाई
भाई - ज्ञात नहीं
बहन - ज्ञात नहीं
धर्म हिन्दू
जाति ब्राह्मण
पुरस्कार/सम्मान • वर्ष 1991 में, उन्हें भारत सरकार द्वारा भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
• 19 मई 1990 को, उन्हें पाकिस्तान सरकार द्वारा भारत के प्रधानमंत्री के रूप में निशान-ए-पाकिस्तान पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
प्रेम संबन्ध एवं अन्य जानकारियां
वैवाहिक स्थिति विवाहित
पत्नी गुजराबेन देसाई
विवाह तिथि वर्ष 1911
बच्चे बेटा - कांति देसाई
बेटी - कोई नहीं

मोरारजी देसाई

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मोरारजी देसाई से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियाँ

  •  मोरारजी देसाई का जन्म गुजरात की बॉम्बे प्रेसीडेंसी में वलसाड जिले के भदेली गांव में एक अनावील ब्राह्मण परिवार में हुआ था।
  •  उनके पिता भावनगर (सौराष्ट्र) के एक स्कूल में अध्यापक थे और वह अवसाद (निराशा एवं खिन्नता) से पीड़ित थे, जिसके चलते उन्होंने कुएं में कूद कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी।
  • उन्होंने मुंबई से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद “मुंबई प्रोविंशल सिविल सर्विस” हेतु आवेदन करने का मन बनाया, जहाँ सरकार द्वारा सीधी भर्ती की जाती थी।
  • जुलाई 1917 में, उन्होंने यूनिवर्सिटी ट्रेनिंग कोर्स में दाखिला लिया, जहाँ उन्हें ब्रिटिश व्यक्तियों की भाँति समान अधिकार एवं सुविधाएं प्राप्त हुईं, वहाँ रहते हुए मोरारजी अफ़सर बन गए और मई 1918 में वह परिवीक्षा पर बतौर उप-ज़िलाधीश के रूप में अहमदाबाद पहुंचे।
  • वर्ष 1927-28 के गोधरा दंगों के समय उन पर पक्षपात करने का आरोप लगा, जिसके परिणामस्वरुप उन्होंने वर्ष 1930 में गोधरा के उपयुक्त पद से इस्तीफा दे दिया।
  • वर्ष 1930 में, जब भारत में महात्मा गांधी  के द्वारा शुरू किया गया आजादी का संघर्ष अपनी चरम सीमा पर था, उसी समय उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने का निश्चय किया।
  • वर्ष 1931 में, वह अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के सदस्य बने और वर्ष 1937 तक गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव रहे।
  • वर्ष 1937 में, जब पहली बार कांग्रेस सरकार ने कार्यभार संभाला, उस समय मोरारजी देसाई राजस्व, कृषि, वन एवं सहकारिता मंत्रालय के मंत्री बने थे।
  • अगस्त 1942 में, उन्हें भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान गिरफ़्तार कर लिया गया था।
  • 12 मार्च 1975 को मोरारजी देसाई ने गुजरात के नवनिर्माण आन्दोलन के समर्थन में आमरण अनशन शुरू किया। जिसके परिणामस्वरूप इलाहाबाद उच्च न्यायलय ने इंदिरा गाँधी के वर्ष 1971 के चुनाव को अवैध घोषित कर दिया था, तब विपक्ष ने एकजुट होकर उनके खिलाफ इस्तीफे की मांग की और देश में आपातकाल लागू कर दिया।
  • 23 मार्च 1977 को, उन्होंने 81 वर्ष की आयु में भारत के प्रधानमंत्री पद का दायित्व ग्रहण किया।
  • 28 जुलाई 1979 को, उन्होंने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और 83 वर्ष की आयु में राजनीति को अलविदा कह दिया।
  • मोरारजी देसाई ने पड़ोसी देशों – पाकिस्तान और चीन से रिश्ते सुधारने की दिशा में भी कार्य किया, उन्होंने चीन के साथ राजनयिक संबंधों को बहाल किया और इंदिरा गांधी की सरकार द्वारा किए गए बहुत से असंवैधानिक संशोधनों को मूल रूप में वापस किया।
  • उन्होंने ख़ुफ़िया एजेंसी RAW को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की व्यक्तिगत रूप से सुरक्षा प्रदान करने वाली एजेंसी बताया था और साथ ही यह कहा अगर मैं प्रधानमंत्री बन गया तो इस एजेंसी को निरस्त कर देने का वादा करता हूँ।
  • वर्ष 1979 में, राज नारायण और चरण सिंह ने मोरारजी देसाई को राजनीति से रिटायर होने के लिए मजबूर किया था।
  • मोरारजी देसाई जब प्रधानमंत्री बने तो उन्‍होंने शराब पर पाबंदी के अलावा कई सारे सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कदम उठाए।
  • 16 जनवरी 1978 में, प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने बड़े नोटों 1000, 5000 और 10,000 के नोटों पर पाबंदी लगा दी थी। हालांकि, तब देश की अर्थव्यवस्था इतनी बड़ी नहीं थी।
  • 10 अप्रैल 1995 को, बम्बई में उनका निधन हो गया था।
  • 10 अप्रैल 1996 को, भारत सरकार द्वारा मोरारजी देसाई की पुण्यतिथि पर एक डाक टिकट जारी की गई।

    मोरारजी देसाई की पुण्यतिथि पर जारी एक डाक टिकट

    मोरारजी देसाई की पुण्यतिथि पर जारी एक डाक टिकट

  • मोरारजी देसाई महात्मा गांधी के सिद्धांतों और नैतिकता के सख्त अनुयायी थे।
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